फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Chitrakoot News: पहले चलती थी गोली, आज दूध की खेली जाती होली

Tue, 03 Mar 2026 10:27 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
विज्ञापन
03- सीकेटीपी-12- रामघाट में डॉग स्वाड के साथ चेकिंग करते जवान।
विज्ञापन
चित्रकूट। कभी डकैतों की दहशत से कांपने वाला पाठा क्षेत्र अब पूरी तरह बदल चुका है। जहां एक समय बंदूकों की गूंज सुनाई देती थी, वहीं आज होली पर दूध की धार बहाकर लोग खुशियों का इजहार कर रहे हैं। यह बदलाव सात साल पहले कुख्यात डकैतों के खात्मे और पुलिस की कड़ी निगरानी के बाद आया है।
विज्ञापन




पाठा का इलाका वर्षों तक डकैतों के साए में रहा। हिंदू त्योहार भी डकैतों के फरमान के बिना नहीं मनाए जाते थे। होली पर गांव-गांव से पकवान और अन्य सुविधाएं डकैतों तक पहुंचानी पड़ती थीं। बंदूक की नोक पर फरमान जारी होते थे और कोल आदिवासी समुदाय का शोषण होता था। सकरौव्हा, चमरौहुवा, रानीपुर, गिदुरहा और बेधक के जंगल डकैतों के सुरक्षित ठिकाने थे।
अब डकैतों का खात्मा हो चुका है और क्षेत्र में शांति कायम है। जिन रास्तों पर कभी दहशत थी, वहां अब उत्सव का रंग दिखाई देता है। ग्रामीण दूध की होली खेलकर कड़वे अतीत को पीछे छोड़ने का संदेश देते हैं। वे इसे आजादी और आत्मसम्मान का उत्सव मानते हैं। (संवाद)
विज्ञापन



कुख्यात डकैतों का खात्मा

पाठा क्षेत्र में ठोकिया, रागिया, बलखड़िया और शंकर केवट जैसे खूंखार डकैतों का खात्मा हुआ। मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश पुलिस ने डाकू बबली कोल को 15 सितंबर 2019 को मार गिराया। बबली कोल पर सात लाख रुपये का इनाम था। उसका दायां हाथ लवलेश भी उसी मुठभेड़ में मारा गया। इसके बाद पाठा के जंगल में शांति स्थापित हुई।



होली पर पुलिस की कड़ी सुरक्षा

होली त्योहार को लेकर श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पुलिस ने चौकसी बढ़ा दी है। जवान रात और दिन पैदल मार्च कर रहे हैं। रामघाट में मंगलवार को डॉग स्क्वॉयड के साथ चेकिंग जारी रही। पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने बताया कि सुरक्षा में कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पुलिस के जवान चप्पे-चप्पे पर निगरानी बनाए हुए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें