चित्रकूट। भरतकूप थाना अंतर्गत गोंडा गांव में ई रिक्शा से गोबर ले जाते समय अनियंत्रित रिक्शा पलट गया। इसमें महिला सफाई कर्मचारी बुट्टू देवी दब गई। गंभीर रूप से घायल सफाईकर्मी को ग्रामीण व प्रधान की मौजूदगी में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल गेट के सामने शव रखकर हंगामा कर जाम लगा दिया। इससे प्रयागराज महाकुंभ आने जाने वाले सैकड़ों वाहन फंस गए। जानकारी होते ही एसडीएम व सीओ ने मौके पर जाकर परिजनों को समझाकर जाम खुलवाया।
अतर्रा-बांदा के बछनीपुर निवासी देवराज ने बताया कि उसकी भाभी बिट्टू देवी (37) गोंडा भरतकूप गांव में सफाई कर्मचारी थी। पति के निधन पर मृतक आश्रित पर नौकरी मिली थी। आरोप लगाया कि मंगलवार को प्रधान गोशाला से ई-रिक्शा से गोबर ढुलवा रहा था। आरोप है कि सफाईकर्मी ने शाम होने के कारण काम करने से मना किया था फिर भी उससे जबरन काम कराया जा रहा था।
गोशाला से गोबर लेकर आ रहे ई-रिक्शा के पीछे सफाईकर्मी चल रही थी। रास्ते में कुछ ऊंचाई होने पर उससे रिक्शा में धक्का लगाने के लिए कहा गया। इसी बीच रिक्शा अनियंत्रित हो कर पलट गया। सफाईकर्मी पहिये के नीचे आकर दब गई। इस पर वहां कई ग्रामीण एकत्र हो गए। आनन-फानन उसे जिला अस्पताल लाया गया। जहां उसकी मौत हो गई।
घटना की जानकारी होने पर सफाईकर्मी के परिजन व सफाई कर्मी संघ के पदाधिकारी अस्पताल पहुंचे। आरोप लगाया कि प्रधान पर कार्रवाई होनी चाहिए। इसके बाद शव को देवांगना व मुख्यालय मार्ग के बीच में रखकर जाम लगा दिया। इससे महाकुुंभ मेला में प्रयागराज से धर्मनगरी आने जाने वाले सैकड़ों वाहन दोनों ओर जाम में फंस गए। सूचना मिलते ही एसडीएम पूजा साहू, सीओ राजकमल, कोतवाल उपेंद्र सिंह व भरतकूप थाना प्रभारी प्रवीण सिंह ने पहुंचकर परिजनों से बात की। लगभग एक घंटे तक जाम की स्थिति रही।
इस दौरान परिजन प्रधान व अन्य जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई कराने की मांग करते रहे। एसडीएम ने आश्वस्त किया कि जो तहरीर दी जाएगी उसी के अनुसार रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई होगी। इसके बाद जाम खुल गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
इस संबंध में प्रधान राममिलन ने बताया कि किसी से जबरन काम नहीं कराया जा रहा था। गोबर लेकर ई-रिक्शा आ रहा था रास्ते में पलटने से हादसा हुआ है। पीड़ित परिजन की हर संभव मदद कराई जाएगी।