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दिन में पहाड़ों की चट्टानों को हिलाती ड्रिल मशीनें

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गर्ब्यांग से लखनपुर के लिए रोड की कटिंग करती जेसीबी - फोटो : अमर उजाला
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चित्रकूट/भरतकूप। सीबीआई टीम के हमीरपुर से दिल्ली जाने के बाद से पहाड़ों में अवैध पत्थर तोड़ान फिर शुरू हो गया है। वैसे स्थानीय लोगाें की मानें तो अवैध खनन कराने वालों का काम एकाध दिन छोड़कर कभी बंद नहीं रहा। प्रतिबंध के बावजूद रौली कल्याणपुर के पहाड़ों में ब्लास्टिंग होती है।
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जिससे आस पास के दो किमी दूर तक के निवासी भयभीत हो उठते हैं। ऐसे लोगों को शासन प्रशासन का कोई खौफ नजर नहीं आता।

दिनदहाड़े पहाड़ों पर मशीनें चलती हैं।
    भरतकूप के रौली कल्याणपुर के पहाड़ों में इन दिनों दिन रात अवैध रूप से पत्थर ढुलान का काम जारी है। क्षेत्रीय निवासी राजकुमार के अनुसार पहाड़ों में रात को ब्लास्टिंग कराई जाती है।

इसके लिए दिन में ड्रिल मशीन से छेद किए जाते हैं। इन सब पर शासन से लेकर अदालत ने भी रोक लगा रखी है लेकिन इन आदेशों की यहां अब कई दिनों से अनदेखी हो रही है।
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स्थानीय रामेंद्र कुमार गौतम ने आरोप लगाया कि गाटा संख्या 2434 के 10 वें खंड में दिनरात ड्रिल मशीनें पहाड़ों के पत्थरों को हिलाने का प्रयास कर रही है। इसी बीच रात को प्रतिबंधित मशीनों से ब्लास्टिंग भी होती है।

इस ब्लास्टिंग पर पूरी तरह से रोक है। रामेंद्र व राजकुमार के ही अनुसार इस गाटा संख्या में जिस भाग का पट्टा आवंटित था उससे अधिक क्षेत्र में ब्लास्टिंग कराई जा रही है। जिससे सैकड़ों ट्रक पत्थर का ढुलान हो रहा है। पहले के पट्टाधारक के इशारे पर यह सब काम हो रहा है जबकि अदालत व शासन से इस खनन व ब्लास्ंिटग पर रोक लगाई गई है। जबतक नया पट्टा जारी नहीं होता तबतक इस पर रोक लगनी चाहिए।
 जिला खनिज अधिकारी शैलेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि जहां भी अवैध खनन की सूचना मिलती है तो वहां छापेमारी की जाती है। रौली के इस पहाड़ पर ड्रिल मशीन व ब्लास्टिंग कराने वालों को पकड़ने के लिए पुलिस की मदद से छापा मारा जाएगा। संबधित पूर्व पट्टाधारक की भूमिका संदिग्ध है। इसकी जांच कराकर उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
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