चित्रकूट। बैंकों में कैश न होने से उपभोक्ताओं को तेज धूप में दो से तीन घंटे एटीएम के सामने लाइन लगानी पड़ रही है। शहर सहित ग्रामीण क्षेंत्रों के ज्यादातर बैंकों के एटीएम बंद रहते हैं। सिर्फ एक बैंक का शहर में एटीएम खुला है जिसमें चार से पांच हजार तक की रकम निकल रही है।
कई बार तो खाली पर्ची ही निकल आती है। इससे बैंक उपभोक्ता परेशान हैं। सहालग के चलते उधारी मांग कर काम चला रहे हैं।
गौरतलब है कि जब नोटबंदी की घोषणा की गई थी उस समय रुपये निकालने के लिए लंबी लाइन लगी रहती थी। एक बार फिर से बैंकों में कैश की कमी के चलते कई प्राइवेट बैंकों ने अपने एटीएम बंद कर दिए। शहरों में स्टेट बैंक सहित एसडीएफसी बैंक का एटीएम खुला हुआ है।
जिसमें रुपये निकालने के लिए लंबी लाइने लगी रहती हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित अधिकतर बैंके के एटीएम बंद हैं। जिससे ग्रामीणों बैंक से रुपये निकालने को मजबूर हैं।
बैंकों में आधार और पैनकार्ड की मांग
चित्रकूट। राजेश तिवारी निवासी कर्वी ने बताया कि उसकी रिश्तेदारी में शादी है। रुपये निकलने के लिए एक घंटे से लाइन में खड़ा है। जब उसने एटीएम से दस हजार रुपये निकालने के लिए एटीएम का प्रयोग किया तो मात्र पर्ची ही निकली।
मानिकपुर के राकेश मिश्रा ने बताया कि बैंकों में आधार लिंक के नाम पर बैंकों में परेशान किया जाता है। अब पैनकार्ड के लिए परेशान किया जा रहा है। छोटी रकम मांगने पर भी बैंक वाले पैन कार्ड मांगते हैं।
करेंसी न मिलने से ऐसी समस्या आ रही
चित्रकूट। स्टेट बैंक मैनेजर दिनेश निगम ने बताया कि आरबीआई से करेंसी कम मिलने के कारण ऐसी समस्या आ रही है। एक सप्ताह पूर्व ही 50 करोड़ की डिमांड की गई है। चार-पांच दिन के अंदर रुपये मिलते ही स्थित सुधर जाएगी।