प्रशिक्षु शिक्षकों सहित अन्य शिक्षकों का भी अवशेष वेतन भुगतान न होने से नाराज शिक्षकों ने बीएसए कार्यालय के सामने सोमवार को धरना दिया। शिक्षकों ने वित्त एवं लेखाधिकारी पर जानबूझकर परेशान करने का आरोप लगाया।
प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष अखिलेश पांडेय के नेतृत्व में शिक्षकों ने बीएसए कार्यालय के सामने नारेबाजी की। लेखाधिकारी पर मनमानी करने का आरोप लगाकर धरने पर बैठ गए। शिक्षकों ने कहा कि प्रशिक्षु शिक्षकों के अवशेष मानदेय का भुगतान किया जाए। ऐसे शिक्षकों की ब्लाकवार सेवा पुस्तिका बनवाने का आदेश दिया जाए। सीधी भर्ती पर नियुक्त विज्ञान व गणित के शिक्षकों का दो सत्यापन कर वेतन दिलाया जाए।
किसी भी शिक्षक के खिलाफ बगैर स्पष्टीकरण मांगे कार्यवाही न की जाए। दिन भर धरने पर बैठे शिक्षकों के पास लेखाधिकारी ने पत्र भेजकर आश्वस्त किया कि दस फरवरी तक समस्याओं का निस्तारण कर दिया जाएगा। इसके बाद धरना समाप्त हुआ। इस मौके पर लवलेश सिंह, अनूप मिश्रा, इंद्रसेन यादव, रामभद्र त्रिपाठी, अनिल अनिवार्य, सुनील नवोदित, हेमराज गर्ग, ममता चौरसिया, शिवप्यारी गुप्ता, अर्चना मिश्रा, मिथिला पांडेय व ऊषा कुशवाहा आदि मौजूद रहे।
मुख्यालय के तुलसी पार्क में प्राथमिक शिक्षामित्र संघ की बैठक हुई। जिसमें मंडल अध्यक्ष भाऊराम पटेल ने कहा कि शिक्षामित्रों के भविष्य के लिए संगठन पूरा जोर लगाएगा। सुप्रीम कोर्ट में चल रहे मामले में कानूनी प्रक्रिया का पूरी तरह पालन किया जाएगा। सर्वेश यादव ने कहा कि कुछ कथित नेता शिक्षामित्रों को भड़काकर राजनीति कर रहे हैं। बैठक में प्रदीप यादव, जानकी शरण, ललित गर्ग, अंबिका ओझा, संजय पांडेय, बृजेश पांडेय, दिगंबर दुबे, गोरेलाल, सैयद अली, मुन्नालाल, ब्रजनंदन सिंह, ललित सिंह, छाया, अराधना, सुरेखा व माया आदि मौजूद रहीं।