सामाजिक विकास संस्थान चित्रकूट के संयोजन में चल रही एकीकृत प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन परियोजना के तहत सेमरिया व बंदरकोल ग्राम पंचायत में किसानों को खरीफ की खेती के संबंध में प्रशिक्षण दिया गया। इसमें जिला कृषि रक्षा इकाई कर्वी के कृषि विशेषज्ञ रमेश कुशवाहा ने किसानाें को बताया कि फसल में कभी भी दिन में कीटनाशक दवा नहीं डालनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि दिन में मित्र कीड़े और रात में शत्रु कीड़े निकलते हैं। इसलिए फसल में हमेशा शाम को कीटनाशक दवा डालनी चाहिए। किसानों को बताया कि फसल में फूल आने से पहले ही दवा का छिड़काव करें। उन्होंने बताया कि पारदर्शी योजना रजिस्ट्रेशन के लिए खतौनी, पासबुक की फोटोकॉपी, पहचान पत्र और मोबाइल नंबर लेकर जिला कृषि कार्यालय में रजिस्ट्रेशन कराकर कृषि सामग्री प्राप्त करें।
इसमें दी जाने वाली सब्सिडी सीधे किसान के खाते में जाएगी। मृदा विशेषज्ञ पवन शिरोठिया ने कहा कि खेत में मेड़बंदी व समतलीकरण करके मिट्टी के कटाव को रोका जा सकता है। उद्यान विशेषज्ञ डा. शिवशंकर सिंह ने सब्जी और फलों की खेती के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि आम, अमरूद, पपीता, बेर, बेल, कटहल एवं फूलों की खेती कर किसान आय बढ़ा सकते हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. केके सिंह ने की।
उन्हाेंने किसानों से उन्नतशील बीज बोने को कहा। बताया कि इससे अच्छी पैदावार होगी और मुनाफा भी मिलेगा। अंत में ग्रामोदय विश्वविद्यालय के समाज कार्य विभाग के प्रो. डॉ. विनोद शंकर सिंह ने सभी किसानों को धन्यवाद दिया। कार्यक्रम का संचालन परियोजना समन्वयक जितेंद्र प्रताप सिंह ने किया। कार्यक्रम में ग्रामोदय विश्वविद्यालय समाज कार्य के छात्र हिमांशु सिंह, अभिषेक पांडेय, नरेश कुमार, राहुल त्रिपाठी, मोहित सोनी, अजरा अख्तर, संतकुमार, मिथलेश पयासी, ग्राम शिल्पी कृष्णदत्त पटेल, परिवार परामर्श केंद्र की परामर्शदात्री रीता सिंह आदि उपस्थित रहे।