तीर्थक्षेत्र में पर्यटन विकास के लिए प्रचलित नीतियों को लागू करने और इससे जुड़े अन्य विषयों को लेकर शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी नीलम अहलावत की अध्यक्षता में पर्यटन प्रोत्साहन परिषद की बैठक हुई। इसमें पर्यटन विकास की संभावनाओं और पर्यटकों की सुविधाओं पर चर्चा की गई। बैठक में परिषद के सदस्यों से सुझाव भी मांगे गए।
परिषद के सदस्य सत्यप्रकाश द्विवेदी ने सुझाव दिया कि तीर्थक्षेत्र को हरा भरा रख पौधे लगाने का वर्ष भी अंकित किया जाए। तीर्थक्षेत्र को अंतर्राष्ट्रीय मानचित्र पर पहचान दिलाने पर जोर दिया गया। कहा कि क्षेत्र के भरतकूप, वाल्मीकि आश्रम, मडफा आश्रम, सूरजकुंड, पंपासुर, बांकेसिद्ध, देवंगाना, कोटतीर्थ आदि स्थलों का विस्तार किया जाए। सांसद भैरों प्रसाद मिश्रा ने कहा कि वह सांसद निधि से परिक्रमा मार्ग में लगभग चालीस सोलर लाइट लगवाएंगे।
सदस्यों द्वारा जनपद के मुख्य मार्गों पर पर्यटन स्थल का नाम दूरी आदि के बोर्ड लगवाने की बात कही। रेलवे स्टेशन पर खड़ी रहने वाली टैक्सियों को लोक निर्माण विभाग के निरीक्षण गृह के पास खड़ा करवाने की बात कही। सदस्यों ने तीर्थक्षेत्र में कूड़ेदान रखवाने को भी कहा। सदस्यों द्वारा मुख्य जगहों पर पानी की टंकी रखवाने के सुझाव पर परिषद की अध्यक्ष जिलाधिकारी नीलम अहलावत ने अगली बैठक में जल निगम के अधिशाषी अभियंता को बुलाने के निर्देश दिए। डीएम ने प्रभागीय वनाधिकारी को निर्देश दिए कि बेड़ी पुलिया से रामघाट तक की सड़क के चौड़ीकरण की जमीन को छोड़कर अन्य जगहों पर तत्काल पौधारोपण किया जाए।
मौके पर एसपी केके चौधरी, सीडीओ मुजाहिदुल अहसन, कमलेश कुमार, एक्सईएन लोक निर्माण विभाग एके सिंह, ईओ लालचंद सरोज, क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी कल्याण सिंह यादव, नगर पालिकाध्यक्ष नीलम करवरिया, परिषद सदस्य पंकज अग्रवाल, अरुण गुप्ता, बृजेंद्र शुक्ला, घनश्याम दास मिश्रा आदि मौजूद रहे।