जिलाधिकारी नीलम अहलावत ने तहसील मऊ में आयोजित तहसील दिवस में लंबित मामलों की समीक्षा की और कुल 59 प्रार्थनापत्र ऐसे मिले, जो निस्तारित नहीं हुए थे। जिलाधिकारी ने इस बात से नाराजगी जताई और कहा कि अगर तीन दिन के अंदर इन्हें नहीं निपटाया गया तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि बार बार निर्देश देने के बाद भी प्रार्थनापत्रों का निस्तारण नहीं किया जाता है, इससे अधिकारियों की शिथिलता जाहिर होती है। उन्होंने कहा कि लंबित शिकायती पत्र तीन दिन के अंदर निपटाए जाएं और इनकी सूचना तत्काल उपलब्ध कराएं। अगले तहसील दिवस में लंबित शिकायती पत्र शून्य होने चाहिए।
बिना निस्तारण के सूचना मिली तो कठोर कार्रवाई की जाएगी। इस तहसील दिवस में कुल 87 शिकायती पत्र आए जिसमें 13 का मौके पर निपटारा कर दिया गया। एक कालेज के छात्रों में भी अनियमितता और ज्यादा धन वसूली का प्रबंधन पर आरोप लगाते हुए प्रार्थना पत्र दिया।
इस मौके पर अधिकारियों ने कुल सात गरीबों को कंबल भी दिए। पुलिस अधीक्षक स्वामी प्रसाद, मुख्य चिकित्साधिकारी डा. वेद प्रकाश, मुख्य विकास अधिकारी एनपी सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक प्रेमप्रकाश मौर्य आदि मौजूद रहे।