मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाली योजनाओं को अधिकारी
पूरी जिम्मेदारी, पारदर्शिता और समय से पूरा करें। इनकी समीक्षा स्वयं
मुख्यमंत्री करते हैं। ये बातें डीएम नीलम अहलावत ने कही। डीएम कलेक्ट्रेट
सभागार में मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाले 97 विकास कार्यक्रमों की
समीक्षा कर रहीं थीं।
शौचालयों की खराब गुणवत्ता पर उन्होंने
नाराजगी जताई और अधिकारियों को हिदायत दी कि किसी भी हालत में फर्जी
रिपोर्ट न दी जाए। यदि फर्जी रिपोर्ट मिली तो कार्रवाई होगी।
डीएम
ने कहा कि कामधेनु, मिनी कामधेनु, कौशल विकास मिशन, समाजवादी पेंशन योजना
आदि मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी योजनाएं हैं। इनकी समीक्षा स्वयं
मुख्यमंत्री करते हैं। अधिकारियों से कहा कि राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना
के तहत जिन पांच गांवों और 35 मजरों में सर्वे पूरा हो गया है, वहां
तत्काल काम पूरा किया जाए।
राजापुर में विद्यालय के लिए नई जमीन के
चयन की जिम्मेदारी एसडीएम को दी। बीएसए को निर्देश दिए कि कापी और किताबों
का वितरण और यूनिफार्म के पैसे का स्थानांतरण इसी माह किया जाए। जननी
सुरक्षा योजना के तहत आशाओं के मानदेय में त्रुटियों को जल्द दुरुस्त कराने
के निर्देश दिए।
डीएम ने कहा कि स्कूलों में कैंप लगाकर आधार
कार्ड बनवाए जाएं और गुणवत्तापूर्वक काम किया जाए। संपर्क मार्ग, केसी
ड्रेन, सीसी रोड के बारे में बताया कि 22 कामों के सापेक्ष 17 पूरे हो गए
हैं। डीएम ने खंड विकास अधिकारियों से कहा कि वे इन कामों को चेक करें और
दस दिन के अंदर इसकी रिपोर्ट दें।
हैंडपंपों के सर्वे जल्द से जल्द
कराने के निर्देश दिए। डीएम ने बीडीओ को निर्देश दिए कि वे सिंचाई विभाग
से पूछें कि पैसा मिलने के बाद भी गुंता बांध में काम पूरा क्यों नहीं
किया। नगर पालिका परिषद के ईओ ने बताया कि रैनबसेरा का काम दस दिन में पूरा
हो जाएगा।
डीएम ने अधिकारियों से कहा कि वे मनरेगा के अंतर्गत
प्रस्ताव जल्द से जल्द तैयार कर लें। साथ ही कामों की सूचना फोटो सहित
उपलब्ध कराएं। शौचालय मानक के अनुसार न बनने पर उन्होंने नाराजगी जताई।
डीएम ने कहा कि अधिकारी फर्जी रिपोर्ट न दें।
लोहिया आवास, इंदिरा
आवास में लाभार्थी का नाम, पता, लागत लाल पट्टी में लिखवाया जाए। भूमि
संरक्षण विभाग मनरेगा से ऐसा कोई भी ऐसा काम न कराए जो पानी में बह जाए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी मुजाहिदुल अहसन सहित विभिन्न अधिकारी मौजूद
रहे।