चित्रकूट में जिलाधिकारी शेषमणि पांडेय ने मंदाकिनी नदी में गिर रहे नालों का संज्ञान लेते हुए विकल्प तलाशने और लगातार बढ़ रहे प्रदूषण से निजात दिलाने की कार्ययोजना बनाने के निर्देश संबंधित अफसरों को दिए। डीएम ने प्रदूषण का शिकार हो रही मंदाकिनी नदी को स्वच्छ रखने के लिए विशेष ध्यान देने को कहा।
डीएम सोमवार को कलक्ट्रेट सभागार में मुख्यमंत्री के निरीक्षण बिंदुओं और 50 लाख से ऊपर के निर्माण कार्य से संबंधित अफसरों की बैठक मेें कहा कि सीएम के निरीक्षण के बिंदु पर जो प्रगति हुई, उसकी आख्या देने के निर्देश दिए, ताकि शासन को रिपोर्ट भेजी जा सके।
अमर उजाला में 14 मार्च के अंक में छपी मंदाकिनी नदी में जहर उडे़ल रहे 17 नालों की खबर का डीएम ने संज्ञान लेते हुए सहायक पर्यटन अधिकारी शक्ति सिंह को निर्देश दिए कि नालों का विकल्प तलाश नदी को प्रदूषित होने से बचाने को प्राथमिकता से काम कराएं। कहा कि पूरे शहर की जलापूर्ति करने के अलावा धर्मनगरी की आस्था का केंद्र मंदाकिनी नदी की स्वच्छता पर कोई लापरवाही न की जाए। लक्ष्मण पहाड़ी पर लाइट और साउंड की व्यवस्था के लिए प्रस्ताव तैयार करा लिया जाए।
सहायक पर्यटन अधिकारी और राजकीय निर्माण निगम को निर्देश दिए कि परिक्रमा पथ पर अधूरे शेड निर्माण को तत्काल पूर्ण कराएं और जहां पर पत्थर व नाली टूटी हैं, दो दिन में दुरुस्त कराएं। डीएम ने चोपड़ा तालाब के कार्य में तेजी लाने और रामघाट में आरती स्थल के कामों को पूर्ण करने को कहा। उन्होंने सड़कों के रखरखाव व गड्ढामुक्त पर बनाई गई कमेटी की जांच रिपोर्ट जिन्होंने नहीं दी, उनसे जवाब मांगा।
बैठक में एडीएम जीपी सिंह, सीडीओ डा. महेंद्र कुमार, जिला विकास अधिकारी आरके त्रिपाठी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर विनोद कुमार, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. केपी यादव, जिला उद्यान अधिकारी रमेश कुमार पाठक, जिला दिव्यांगजन अधिकारी राजेश कुमार नायक, अर्थ एवं संख्या अधिकारी राजेश कुमार समेत संबंधित अधिकारी मौजूद थे।