चित्रकूट/खोही। जगद्गुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग राज्य विश्वविद्यालय के स्थापना दिवस के दूसरे दिन शुक्रवार को गोष्ठी और सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए। विश्वविद्यालय के आजीवन कुलाधिपति रामभद्राचार्य ने कहा कि बहुत जल्द यह विश्वविद्यालय केंद्रीय विश्वविद्यालय बन जाएगा।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में भारतीय ज्ञान व ऋषि परंपरा के आधार पर पढ़ाई कराई जाती है। मैकाले की शिक्षा प्रणाली के स्थान पर भारतीय शिक्षा प्रणाली को स्थापित कर विश्व के समक्ष एक नये आयाम को जन्म देगा। कार्यक्रम का संचालन सांस्कृतिक विभाग की डॉ. प्रमिला मिश्रा ने किया। जिला सहकारी कोआपरेटिव बैंक के अध्यक्ष पंकज अग्रवाल, पूर्व विधायक दिनेश मिश्रा, डॉ. योगेंद्र भारद्वाज, डॉ. पीयूष कुमार द्विवेदी, डॉ. गोपाल कुमार मिश्र, डॉ. हरिकांत मिश्र, डॉ. विनोद कुमार मिश्र, डा. तृप्ति रस्तोगी, डॉ. सुनीता श्रीवास्तव, डॉ. मनोज पांडेय, डॉ. दीपक कुमार आदि मौजूद रहे।
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सावन में झुलनी गढ़ाए दे... प्रिया मन को जिया बहला दे
चित्रकूट। स्थापना दिवस पर दूसरे पहर सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए। पद्मश्री उर्मिला श्रीवास्तव ने कजरी प्रस्तुत की। उन्होंने सावन में झुलनी गढ़ाए दे प्रिया, मन को जिया बहला दो... गीत सुनाकर दर्शकों की वाहवाह लूटी। इसके अलावा कई कजरी व लोकगीत प्रस्तुत किये गये। संगीत विभाग की डॉ. ज्योति विश्वकर्मा ने सोहर गीत व भगवान श्रीराम के व्यक्तित्व को लेकर भजन प्रस्तुत किये। दीवारी नृत्य कलाकारों ने भी हुनर दिखाया। कला विभाग के छात्र-छात्राओं ने पेंटिंग प्रदर्शनी लगाई।