चित्रकूट में जिला पंचायत के नवनिर्वाचित अध्यक्ष व सदस्यों का शपथ ग्रहण समारोह जिला पंचायत परिसर में हुआ। सोमवार को जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ल ने नवनिर्वाचित जिला पंचायत अध्यक्ष अशोक जाटव को शपथ दिलाई। तत्पश्चात अध्यक्ष ने सदस्यों को शपथ दिलाया। शपथ ग्रहण के बाद पुष्पगुच्छ देकर अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों ने स्वागत किया।
अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत सुरेंद्र कुमार ने नवनिर्वाचित अध्यक्ष, सदस्यों सहित जनप्रतिनिधियों, जिलाधिकारी आदि का अभिनंदन करते हुए कहा कि प्रदेश में जिला पंचायत अध्यक्ष व सदस्यों का शपथ ग्रहण समारोह हुआ है।
शपथ ग्रहण समारोह के अवसर पर राज्यमंत्री लोक निर्माण विभाग चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय, सांसद आरके सिंह पटेल, विधायक मानिकपुर आनंद शुक्ला, भाजपा जिलाध्यक्ष चंद्र प्रकाश खरे, पूर्व सांसद रमेश चंद्र द्विवेदी, भैरो प्रसाद मिश्रा, पंकज अग्रवाल, रामायण कुटी के महंत रामहृदयदास, दिगंबर अखाड़ा के महंत दिव्यजीवन दास सहित साधु संत, अधिकारी, जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। संचालन भाजपा जिला महामंत्री आलोक पांडेय ने किया।
चित्रकूट पंचायत विकास बोर्ड जिले की है धरोहर
नवनिर्वाचित जिला पंचायत अध्यक्ष एवं जिला पंचायत सदस्य द्वारा शपथ ग्रहण करने के बाद सोमवार को जिला पंचायत सभागार में प्रथम पंचायत बोर्ड की बैठक आयोजित की गई। इस दौरान जिला पंचायत की छह समितियों के गठन पर विचार किया गया।
जिसमें उपस्थिति सभी 17 नवनिर्वाचित सदस्यों द्वारा सर्व सम्मति से सभी समितियों का अध्यक्ष अशोक जाटव को अधिकृत किया है। इसके अलावा अध्यक्ष ने पंचायत विभाग के सभी स्टाफ एवं सदस्यों का परिचय प्राप्त किया। इस दौरान विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की गई। नवनिर्वाचित जिला पंचायत अध्यक्ष अशोक जाटव ने कहा कि चित्रकूट पंचायत विकास बोर्ड जिले की धरोहर है।
जिले का विकास ही सबका लक्ष्य है। उन्होंने सभी सदस्यों के साथ मिलकर बोर्ड चलाने और उनके क्षेत्र में विकास कार्य कराने की बात कही है और सभी से विकास के लिए मिलकर सहयोग करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि पंचायत बोर्ड की धनराशि सभी नवनिर्वाचित सदस्यों के 17 वार्डों में बिना भेदभाव के विकास कार्यों में खर्च की जाएगी।
इस दौरान अपर मुख्य अधिकारी सुरेंद्र कुमार वर्मा ने नवनिर्वाचित अध्यक्ष को बताया कि संविधान के अनुसार आज से जिला पंचायत का कार्यकाल प्रारंभ हो गया है। जिला पंचायत में छह समितियां हैं। एक समिति में 6 सदस्य वह एक पदेन सभापति होता है। इसके अलावा प्रत्येक समिति में एक महिला सदस्यए एक पिछड़ा वर्ग सदस्य व एक अनुसूचित जाति सदस्य का होना अनिवार्य होता है।