सदर ब्लाक कार्यालय में तालाबंदी करते सदर ब्लाक प्रमुख चंद्रकिशोर पटेल।
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चित्रकूट। वित्तीय व प्रशासनिक अधिकार पाने के लिए जिले के सभी ब्लाक प्रमुखों ने कार्यालयों में तालाबंदी की जिससे ब्लाक कार्यालयों में कार्य नहीं हो पाया। सभी कर्मचारी बाहर परिसर में बैठे रहे। डीडीओ ने सदर ब्लाक जाकर ताला खुलवाने का प्रयास किया। इस पर उनकी और ब्लाक प्रमुख के बीच नोकझोंक हुई। सोमवार को जिले के कर्वी, रामनगर, मऊ, पहाड़ी, मानिकपुर के ब्लाक प्रमुखों ने कार्यालयों में तालाबंद कर कार्य नहीं किया। ब्लाक प्रमुख कर्वी चंद्र किशोर पटेल, रामनगर शिवाकान्त बलुवा, मऊ बाल मुकुन्द पांडेय पहाड़ी, रेखा देवी यादव मानिकपुर सोनू कोल, पूर्व जिला पंचायत सदस्य रमेश पटेल ने बताया कि संविधान के 73वें संविधान संशोेधन के तहत क्षेत्र पंचायतों को 38 विभाग दिए गए थे लेकिन यह अधिकार छीन लिया गया है।
इसी तरह से क्षेत्र के विकास के लिए मात्र राज्यवित्तीय की ही धनराशि दी जा रही है। 14वें वित्त आयोग की धनराशि बंद कर दी गई है। मनरेगा योजना के तहत क्षेत्र पंचायतें कार्यदायी संस्था का काम करती हैं। किसी भी योजना को क्षेत्र में करने को अनुमोदन का अधिकार जिलाधिकारी को दिया गया है जिससे कोई भी कार्य क्षेत्र पंचायतें अपने स्तर पर नहीं कर सकती हैं। सभी अधिकार छीन लिए गए हैं। यह पंचायती राज व्यवस्था के विपरीत है। सभी अधिकार पूर्व की तरह बहाल किए जाएं। तालाबंदी के दौरान डीडीओ अजितेंद्र नारायण मिश्रा ने सदर ब्लाक जाकर ताला खुलवाने का प्रयास किया तो ब्लाक प्रमुख से तीखी नोकझोंक भी हुई। डीडीओ ने कहा कि सीडीओ के आदेशानुसार कार्यालय में तालाबंदी सांकेतिक कर खोल दिया जाए। न मानने पर प्रशासन कड़ा कदम भी उठा सकता है। काफी देर तक बातचीत के बाद भी ब्लाक प्रमुख ताला खोलने को तैयार नहीं हुए और काम बंद रहा। सभी ब्लाक प्रमुखों ने बताया कि यह तालाबंदी एक दिन की थी। मंगलवार से यथावत कामकाज होगा।