चित्रकूट। दीपोत्सव को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं लेकिन यहां की अव्यवस्थाएं अब भी बरकरार हैं। मंदाकिनी नदी में आई बाढ़ के निशान चारों ओर नजर आ रहे हैं।
घाट पर जहां गंदगी फैली हुई है, वहीं नदी में टूटा पुल और छोटे पुल के पास मलबा जमा हुआ है। बिजली के कई खंभे झुक गए हैं। हालांकि घाट पर टूटी सीढ़ियों की मरम्मत शुरू हो गई है।
दीपोत्सव छह से 10 नवंबर तक आयोजित किया जाएगा। इसमें लाखों श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है। रामघाट पर मरम्मत का कार्य बेहद धीमी गति से चल रहा है। कई सीढ़ियां अब भी टूटी हुई हैं, जिन्हें दुरुस्त किया जा रहा है। अब तक तुलसीदास मंदिर में गोस्वामी जी की प्रतिमा भी स्थापित नहीं हो सकी है।
स्थानीय निवासी राजबहादुर, शेखर सिंह और राकेश निषाद का कहना है कि महोत्सव में 10 दिन भी नहीं बचे हैं, पर काम अब भी अधूरे हैं। रामघाट के मध्य प्रदेश वाले हिस्से में भी श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए टिनशेड तैयार नहीं हुआ। आरती स्थल का काम भी पूरा नहीं हो सका है।
भरत मंदिर और घाट की दुकानों में बाढ़ से आई दरारें साफ दिख रही हैं। मध्य प्रदेश प्रशासन ने मेले के लिए छह दमकल, 30 पानी के टैंकर, 800 बैरिकेड और 30 कचरा गाड़ी लगाने की बात कही है। करीब 40-50 लाख भक्तों के आने का अनुमान है।
एमपी कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस ने बताया कि सभी विभागों को जिम्मेदारी दे दी गई है। चित्रकूट डीएम पुलकित गर्ग ने भी दीपोत्सव से पहले घाट के सभी अधूरे काम पूरे कराने के निर्देश दिए हैं।
26 सीकेटीपी-10-घाट की टूटी सीढि़यां। संवाग