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दो सौ पन्ने की पहली जांच रिपोर्ट लेकर डीआईजी रवाना

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चित्रकूट। जिला जेल रगौली में ईद के दिन (14 मई) को हुए गैंगवार में अंशू दीक्षित के हाथों मारे गए कुख्यात अपराधी मेराज अली और मुकीम काला के बाद पुलिस मुठभेड़ में ढेर किए गए अंशू मामले की जांच कर रहे डीआईजी जेल संजीव त्रिपाठी ने पहले राउंड की अपनी जांच रिपोर्ट तैयार कर ली है। डीआईजी करीब दो सौ पन्ने की जांच रिपोर्ट लेकर लखनऊ भी रवाना चले गए। बताया कि अभी कई बिंदुओं की जांच और की जा रही है। उन्होंने सभी निलंबित जेल कर्मियों और संदिग्ध कर्मियों को जेल परिसर न छोड़ने की हिदायत दी है। अब अंदाजा लगाया जा रहा कि अभी कुछ और लोगों पर जांच की गाज गिर सकती है।
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ईद के दिन 14 मई को जिला जेल रगौली में सुबह लगभग पौने दस बजे शार्प शूटर अंशू दीक्षित ने कुख्यात अपराधी मुकीम काला व मेराज अली को विदेशी पिस्टल की गोलियों से भून दिया था। इसके बाद पुलिस की मुठभेड़ में जेल के ही अंदर अंशू को भी ढेर कर दिया गया था। पहले ही दिन से डीआईजी जेल संजीव त्रिपाठी ने चित्रकूट के जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ल व आईजी के. सत्यनारायणा के साथ मिलकर छह घंटे में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा मांगी गई प्रारंभिक रिपोर्ट दी थी।
इसी आधार पर जेल अधीक्षक श्रीप्रकाश त्रिपाठी, जेलर महेंद्र पाल, दो बंदीरक्षकों संजय खरे और हरी मोहनराम संग एक पीएसी जवान अमित कोको निलंबित किया गया था। इसके बाद से लगातार छह दिन तक डीआईजी जेल ने जेल परिसर में मामले की जांच बिंदुवार शुरू की। बृहस्पतिवार को जांच के कई बिंदुओं की रिपोर्ट तैयार होने के बाद वह रिपोर्ट लेकर लखनऊ रवाना हो गए हैं।
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इस दौरान उन्होंने जांच के बाबत कुछ भी कहने से मना करते हुए कहा कि अभी जांच पूरी नहीं हुई है। ऐसे में अब यह माना जा रहा कि प्रथम जांच की पूरी रिपोर्ट वह शासन को सौंपकर और निर्देश लेंगे। डीआईजी की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट शासन तक पहुंचते ही कुछ और लोगाें पर कार्रवाई भी हो सकती है। इधर, जांच अधिकारी के जाने के बाद जेल परिसर का माहौल कुछ शांत हुआ।
जेल के अफसरों और कर्मियों के अलावा ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों के चेहरे पर भी राहत के भाव दिखे, लेकिन यह भी आशंका बनी हुई है कि और कौन इस जांच रिपोर्ट में निशाना बनेगा। फिलहाल सभी निलंबित जेल अधीक्षक, जेलर, दो बंदी रक्षकों और एक पीएसी जवान को कडे़ निर्देश दिए गए हैं कि जेल परिसर सेकहीं बाहर नहीं जाएंगे। हर हाल में बाहर जाने की सूचना अपने बड़े अफसरों को पहले देनी अनिवार्य होगी। इसी प्रकार जांच के दायरे में आये बंदी रक्षक जगमोहन, पीडी पाल समेत तीन अन्य पुलिसकर्मी को भी यही हिदायत है। बंदियों के कारखास एक बंदी को भी कडे़ पुलिस पहरे में बैरक में रखा गया है।
दोपहर को पहुंची पुलिस विवेचना टीम
चित्रकूट। जेल में गैंगवार और पुलिस मुठभेड़ की दर्ज दो एफआईआर की विवेचना कर रही पुलिस टीम के अधिकारी दोपहर को पहुंचे। टीम ने मुख्य रूप से घटनास्थल के नक्शे के आधार पर अपना चार्ट तैयार किया। जिसमें हाईसिक्योरिटी बैरक व आइसोलेट बैरक की आपस में दूरी, वहां से पीसीओ की दूरी और घटनास्थल में मारे गए मुकीम काला और मेराज अली समेत अंशू दीक्षित के पडे़ शव की आपस में दूरी का उल्लेख किया।
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