सोते समय ढिबरी से रजाई में आग लगने से सिपाही गंभीर रूप से झुलस गया। आग
की लपटों से घिरे सिपाही को बचाने में पत्नी व पुत्र भी झुलस गए। तीनों को
जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान सिपाही की मौत हो
गई। शनिवार रात की यह घटना मुख्यालय के समीप लोधनपुरवा कसहाई रोड पर हुई।
लोधनपुरवा
निवासी सिपाही बलवंत (48) मऊ जिले के लखंसी थाने में तैनात थे। कुछ दिन
पहले छुट्टी पर घर आए थे। शनिवार को पत्नी रानी देवी के साथ नांदी गए थे।
वहां से लौटकर कमरे में जाकर सो गए। इसी दौरान बत्ती चली गई। उन्होंने
पत्नी से ढिबरी जलाने को कहा। पत्नी ने ढिबरी जलाकर बेड के पास रख दी।
बताते
हैं कि रात को किसी समय करवट लेने पर पास रखी ढिबरी से रजाई में आग लग गई।
जब तक वे कुछ समझ पाते उनके कपड़ों ने भी आग पकड़ ली। लपटों से घिरे
सिपाही की चीख सुनकर पत्नी व छोटा पुत्र जयप्रकाश बचाने आए तो वे दोनों भी
झुलस गए। गंभीर रूप से झुलसे तीनों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया,
जहां सिपाही ने दम तोड़ दिया।
सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर
सीओ सिटी राजेश तिवारी व प्रभारी कोतवाल मधूसूदन दीक्षित अस्पताल पहुंचे।
शव को पोस्टमार्टम रविवार सुबह कराया गया।