अमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। मुख्यालय से सटे कसहाई ग्राम पंचायत के कुंजनपुरवा में डायरिया का प्रकोप चल रहा है। दो दिन के अंदर जिला अस्पताल में इस पुरवा के दो दर्जन मरीज भर्ती हो चुके हैं और पुरवा में एक दर्जन अलग बीमार हैं। इसकी जानकारी होते ही सीएमओ स्वास्थ्य टीम के साथ पुरवा पहुंचे और प्रभावित लोगों का इलाज शुरू कराया।
जानकारी के अनुसार कुंजनपुरवा में आठ जून की सुबह से कुछ लोगों को उल्टी दस्त की शिकायत शुरू हुई। जिस पर चुन्ना (65)पुत्र कुंजनप्रसाद, हीरामणि पत्नी रामप्यारे और नीलम पुत्री रामप्यारे को डायरिया की संभावना पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
पुरवा की बेला देवी पत्नी प्रदीप कुमार, मोती लाल गौरा देवी पुत्री कामता, निर्मला पुत्री चुन्ना, आशा पत्नी सुरेश, पूजा पुत्री प्रदीप, पुष्पा पत्नी जितेंद्र, रोशनी व ज्योति पुत्री मानवेंद्र, शंाति पत्नी रामनाथ, बेला देवी पत्नी प्रदीप, अर्चना पत्नी महेश,लक्ष्मी पत्नी सुदीप, अभिषेक, पुष्पा पत्नी जितेंद्र, कल्लू, फूलमती पत्नी महेश को भी डायरिया की शिकायत पर अस्पताल पहुंचाया गया।
एक साथ एक पुरवा के दो दर्जन लोगों के डायरिया से पीड़ित होने पर भर्ती की जानकारी पर सीएमओ डॉ.रामजी पांडेय जिला अस्पताल पहुंचे। शनिवार की सुबह मरीजों का हाल चाल लेकर सीएमओ कुंजनपुरवा पहुंचे। शिवरामपुर पीएचसी की टीम के साथ पुरवा में डायरिया प्रभावित एक दर्जन अन्य मरीज मिले। जिनका इलाज शुरू कराया गया। सीएमओ ने कहा कि सभी की हालत नियंत्रण में है। पुरवा में सफाई व स्वच्छ पानी की व्यवस्था के लिए संबधित विभाग के अधिकारियों को कहा गया है। पुरवा में डॉ.सूर्यप्रकाश के नेतृत्व में टीम इलाज के लिए तैनात की गई है।
बासी भोजन व प्रदूषित पानी बना कारण
चित्रकूट। कुंजनपुरवा में दो दिन के अंदर डायरिया से पीड़ितों की संख्या तीन दर्जन तक पहुंचने के पीछे माना जा रहा है कि पुरवा में गंदगी का अंबार है। सीएमओ डॉ.पांडेय ने बताया कि पुरवा में दो तीन घरों में शादी का कार्यक्रम था। जिसमें बचे बासी खुले में रखे भोजन करने से डायरिया का प्रभाव होने की संभावना है। इसके अलावा पुरवा के हैंडपंप, ट्यूबवेल और कुएं के आसपास बेहद गंदगी है। निर्माणाधीन मंडी परिसर में स्थापित टंकी से ग्रामीण प्रदूषित पानी भी पीते हैं। इसके बचाव के लिए सभी स्थानों पर ब्लीचिंग डाली गई है। पीड़ितों को जरूरत की दवाएं दी गई।