चित्रकूट। गर्मी के साथ ही डायरिया का प्रकोप बढ़ रहा है मुख्यालय के आस पास के गांव में ही सफाई व्यवस्था न होने व प्रदूषित पानी पीने की वजह से उल्टी दस्त के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। पहले सोनेपुर गांव के तीन युवक इसके शिकार हुए अब बनाड़ी के एक ही परिवार के आधा दर्जन सदस्यों को डायरिया के प्रभाव में आने से जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
अस्पताल में डायरिया के इलाज का पूरा भरोसा व सभी तरह की दवाएं होने का दावा तो किया जाता है लेकिन एक दिन पूर्व ही डायरिया पीड़ित नि:शक्त छात्र की मौत होने के कारण के बारे में सीएमएस कुछ भी नहीं बोल रहे।
शनिवार को मुख्यालय से सटे बनाड़ी गांव निवासी गोपाल दास की मां दशोदिया देवी, पत्नी सुनैना, पुत्री प्रीति, आकांक्षा व पूजा को एक साथ घर में उल्टी दस्त की शिकायत हुई। जिससे पूरा परिवार परेशान हो गया और सभी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
इसके अलावा कोठिलिहाई के राममनोहर पुत्र चुन्नी, नयागांव निवासी हसीना पत्नी अमृतलाल, निर्मोही अखाड़ा निवासी लखनलाल को भी डायरिया की शिकायत पर भर्ती कराया गया है। गौरतलब है कि सोनेपुर गांव में शुक्रवार को तीन युवक उल्टी दस्त की शिकायत पर भर्ती हुए हैं।
शनिवार को तीनों को इलाज के बाद घर भेज दिया गया है। उन्होंने बताया कि घरों के सामने खुली नाली व हैंडपंप के पास एकत्र गंदा पानी की सफाई करने सफाई कर्मी नहीं आता है। जिससे यह रोग फैल रहे हैं। प्रधानपति बद्री पटेल ने कहा कि जल्द ही सभी नालियों की सफाई कराई जाएगी। बनाड़ी गांव में भी गंदगी का आलम है जिससे संक्रामक रोग फैल रहे हैं।
तो फिर कैसे हो गई छात्र की मौत
चित्रकूट। जिला अस्पताल में डायरिया से निपटने के लिए पर्याप्त दवाएं व डॉक्टर समेत सुविधाएं होने का दावा सीएमएस ने किया है। सीएमएस डॉ.एनके गुप्ता ने बताया कि डायरिया के मरीज तो बढ़ रहे हैं जिसे देखते हुए पर्याप्त दवाओं का स्टाक किया गया है।
एक दिन पूर्व ही अस्पताल में डायरिया से पीड़ित झारखंड के एक नि:शक्त छात्र की मौत के सवाल पर कोई जवाब नहीं दिया। सिर्फ इतना कहा कि पहले से उसकी हालत ज्यादा खराब थी।