चित्रकूट। मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के धार्मिक स्थानों के दौरे में राजनीति के साथ समाज सेवी की भी झलक देखने को मिली है। चित्रकूट में जब कभी बडे़ नेता आए तो इस धरती में हुए भरत मिलाप का वर्णन सुन त्याग की भावना लेकर गये।
सोमवार को जब मुख्यमंत्री भरत मिलाप स्थल पहुंचे तो चुपचाप हाथ जोड़कर खडे़ हो गए। भगवान राम, भरत व सीता के चरण चिह्नोें को देख नमन करते रहे। विख्यात समाज सेवी स्व. नाना जी देशमुख ने राजनीति छोड़कर समाज सेवा में जुट गये थे। जब पूर्व प्रधान मंत्री अटल बिहारी बाजपेयी, पूर्वराष्ट्रपति स्व. अब्दुल कलाम, पूर्व प्रधानमंत्री स्व. चंद्रशेखर सिंह आदि नेता चित्रकूट आए तो नाना जी देशमुख ने चित्रकूट में हुए भरत मिलाप का जिक्र कर त्याग की भावना की सीख दी थी। उन्होंने कहा था कि भगवान श्रीराम व भरत ने चित्रकूट में अध्योध्या का राजा बनने से इनकार कर दिया था। उनके इस निर्णय से चित्रकूट आए ऋषि मुनी भी अचंभित हो गये थे। जिनको सभी को सीख लेनी चाहिए।