संवाद न्यूज एजेंसी
चित्रकूट। एक साल पूर्व उन्नाव में हुए एक बड़े सड़क हादसे के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोडर, पिकअप व ट्रैक्टर में सवारियांं भरने पर प्रतिबंध लगाया था।
इसके बावजूद एआरटीओ व यातायात विभाग की लापरवाही से इसका खासा असर जिले में नहीं दिखता है। जिले के अलग अलग स्थानों पर जनवरी से लेकर मई तक पांच माह में छह घटनाएं हो चुकी है। ट्रैक्टर व लोडर से हुई घटनाओं में अब तक 10 की मौत व 30 लोग घायल हो चुके हैं।
सीएम की घोषणा के बाद से इन वाहन मालिकों को कभी कभार पांच से 15 हजार रुपये जुर्माना जरूर देना पड़ जाता है। कभी कभार प्रशासनिक दबाव चलते इन वाहनों के चालान किए जाते हैं। अक्सर प्रमुख स्थानों पर पिकअप, लोडर व ट्रैक्टर चालक सवारियां भरकर धड़ल्ले से चलाते रहते हैं। आए दिन जिले में दुर्घटनाएं होती है। पिकअप में बरातियों को ले जाने व लाने का काम हो रहा है। एक-एक पिकअप में 10 से 20 सवारियां बैठाने के साथ ही उसमें दहेज का समान भी रखा जाता है।
इसके बाद तेजी से पिकअप व अन्य ऐसे वाहन तेज गति से दौड़ाए जाते हैं। रविवार को जिले के रैपुरा थाना क्षेत्र के भखरवार मोड़ पर डीसीएम से पिकअप की टक्कर में पिकअप सवार पांच बरातियों की मौत हो चुकी है।
मानिकपुर विधायक अविनाश चंद्र द्विवेदी व सपा विधायक अनिल प्रधान ने भी एआरटीओ व यातायात विभाग की टीम की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।