जिले में डेंगू के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। दूसरों का इलाज करने वाले सेवानिवृत्त चिकित्सक और एक नि:शक्त छात्र को डेंगू की पुष्टि होने पर रेफर किया गया है। आठ बुखार पीड़ितों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
मानिकपुर निवासी सेवानिवृत्त डा. एमएम पांडेय को एक-दो दिन से बुखार आ रहा था। शनिवार से तेज बुखार आने पर प्राइवेट पैथोलॉजी में रक्त जांच कराई गई। जिसमें प्लेटलेट्स बेहद कम होने पर डेंगू की पुष्टि हुई। इसके बाद रिपोर्ट देखकर जिला अस्पताल के डा. रिशी कुमार ने उन्हें इलाज के लिए इलाहाबाद रेफर किया।
इसी प्रकार जगद्गुरु रामभद्राचार्य विकलांग विश्वविद्यालय में बीएड के छात्र भिटारी पुत्र बदली निवासी ममसी को भी शनिवार को बुखार की शिकायत पर अस्पताल में भर्ती कराया गया। प्राइवेट पैथोलॉजी में डेंगू की पुष्टि होने पर उसे डाक्टरों ने इलाहाबाद रेफर कर दिया। इसके अलावा बुखार की शिकायत पर अत्तर्रा के मुन्ना लाल, बेलहरी की माया देवी, मैनहाई के भोला कुमार, सकरौली की बेलपतिया, सीतापुर के अमर सिंह, बांधी के रामस्वरूप, बछरन के बद्रीप्रसाद व बक्टा के वासुदेव को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
इलाहाबाद रेफर डेंगू पीड़ित बीएड के नि:शक्त छात्र की आर्थिक मदद के लिए सहपाठियों ने डीएम से गुहार लगाई है। रविवार को डा.भीमराव अंबेडकर अनुसूचित जाति छात्रावास बेड़ी पुलिया में रहने वाले छात्र रामप्र्रकाश, अरविंद कुमार, अश्वनी, कृष्णावतार, हरीमोहन, उत्कर्ष, उमेश, पिंटू, प्रमोद, जितेेंद्र, सुशील, सुभाष और रोहित आदि ने डीएम कैंप कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया।
छात्रों ने बताया कि सहपाठी छात्र भिटारी का डेंगू के चलते इलाहाबाद के निजी अस्पताल में इलाज कराया जा रहा है। जिसमें अधिक खर्च हो रहा है। उसकी और हमारी आर्थिक स्थिति अच्छी न होने के कारण उसकी मदद नहीं हो पा रही। ऐसे में प्रशासन उसकी आर्थिक मदद करे।