जिला अस्पताल के डेंगू वार्ड में भर्ती बुखार से पीड़ित महिला।
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एक तरफ स्वास्थ्य विभाग जिले में डेंगू फैलने का बात से इनकार कर रहा है वहीं सोमवार को पिपरोदर के एक डेंगू पीड़ित मरीज की मौत हो गई जबकि तीन साल की बालिका को डेंगू की आशंका पर इलाहाबाद रिफर किया गया है। इसके बावजूद लापरवाही के चलते जिला अस्पताल में डेंगू पीड़ितों के वार्ड में तेज बुखार वाले मरीजों को भर्ती किया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार शनिवार को पहाड़ी थाना क्षेत्र के पिपरोदर गांव के निवासी लवलेश सिंह (32) पुत्र नाती सिंह को डेंगू की संभावना पर जिला अस्पताल में सामान्य वार्ड में भर्ती किया था। रविवार को परिजन उसे इलाहाबाद ले गए जहां सोमवार सुबह इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।दोपहर को परिजनों ने गांव में उसका अंतिम संस्कार किया।
गांव के अशोक सिंह ने दावा किया कि लवलेश को डेंगू ही था। मृतक किसान के एक पुत्र और एक पुत्री है। सोमवार को पहाड़ी के महाराजपुर निवासी करण सिंह की तीन साल की पुत्री सोनाक्षी को तेज बुखार होने पर परिजनों ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया। जहां डाक्टरों ने डेंगू की संभावना पर उसे इलाहाबाद रिफर किया है।
रविवार के अंक में अमर उजाला ने डेंगू की संभावना की खबर के साथ लवलेश सिंह की मास्क लगी फोटो छापी थी। जिसे विभागीय लापरवाही के चलते सामान्य वार्ड में ही भर्ती कराया गया था। इसके पूर्व कलवारा की ऊषा देवी को भी डेंगू की संभावना के बावजूद सामान्य वार्ड में भर्ती किया था। जिसे परिजन इलाज के लिए इलाहाबाद ले जा चुके हैं।
जिला अस्पताल में डेंगू के लिए अलग से वार्ड तो खोल दिया गया है लेकिन वहां सामान्य बुखार के मरीजों को ही भर्ती किया गया है। रविवार को तो यहां चार मरीज भर्ती थे लेकिन सोमवार को सिर्फ एक ही मरीज मिला।
उरई से इलाहाबाद जा रही शांति (70) पत्नी गंगाप्रसाद निवासी उरई को सोमवार सुबह रास्ते में अचानक तेज बुखार आने पर उनके पति ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया है। उन्हेेें डेंगू वार्ड में ही भर्ती किया गया है।
इसके अलावा अस्पताल में डायरिया से पीड़ित बेलहरी बहिलपुरवा की तिजिया पत्नी शिवदास और कामतन सीतापुर के राजेश पुत्र जियालाल को सामान्य वार्ड में भर्ती कराया गया। जिला अस्पताल के डा पीडी चौधरी के अनुसार दोनों की हालत गंभीर बनी हुई है।