चित्रकूट। गोशालाओं की जिम्मेदारी भी ग्राम सचिवों को सौंपे जाने के विरोध में ग्राम सचिवों ने विकास भवन में काली पट्टी बांधकर धरना प्रदर्शन किया। प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव को संबोधित ज्ञापन सीडीओ को सौंपा। गोवंश आश्रय स्थल के संचालन कार्य से विरत रहने का फैसला लिया है।
सचिवों का आरोप है कि गांव के विकास के अलावा कई अतिरिक्त कार्य कराए जा रहे है। जिसमें गांवों में बने गोवंश आश्रय स्थल के कार्यों की जिम्मेदारी भी दी गई है। किर्सी मवेशी की मौत हो जाए या भाग जाए तो ग्राम सचिव को ही जिम्मेदारी दी जाती है। पशुओं के खाने के लिए मात्र 30 रुपये दिए जा रहे है जबकि एक पशु 5 से 8 किलो भूसा खा जाता है। मवेशियों के कारण सचिवों का उत्पीड़न किया जाता है।
धरना-प्रदर्शन के बाद मुख्यसचिव उत्तर प्रदेश के नाम संबोधित ज्ञापन सीडीओ डा. महेंद्र कुमार कुमार को सौंपा। इस मौके पर ग्राम पंचायत अधिकारी संघ के अध्यक्ष जय प्रकाश सिंह, ग्राम विकास अधिकारी संघ अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह, समन्वय समिति के अध्यक्ष अंबरीष त्रिपाठी, समन्वय समिति के मंत्री जानकी शरण, सहित आशुतोष कुमार, जगदीश पटेल, शिवम सिंह, अनुराग पांडेय, रामशरण राही, सुरेंद्र नाथ सिंह, जय प्रकाश सिंह, आदि मौजूद रहे।