चित्रकूट के जिले में दो नगर पंचायत में पाठा क्षेत्र मानिकपुर की नगर पंचायत का गठन तो 1966 में हो गया था लेकिन इस क्षेत्र का दुर्भाग्य रहा है कि बहुत कम लोग ही अपना कार्यकाल बिना विवाद के पूरा कर पाए। पहले तो यहां प्रशासक बैठाए जाते थे लेकिन चुनावी प्रक्रिया 1989 से शुरू हुई। 28 साल की चुनावी प्रक्रिया के दौरान कई बार उलटफेर होता रहा।
मानिकपुर निवासी संतोष गुप्ता ने बताया कि नगर पंचायत का गठन तो 1966 में हो गया था लेकिन चुनावी प्रक्रिया नहीं होती थी। शासन प्रशासन व स्थानीय लोगाें की सहमति से इसका संचालन होता था। 1989 में पहली बार नगर पंचायत अध्यक्ष श्यामलाल बने थे। इसके बाद 1995 से 2000 तक सरला देवी अध्यक्ष बनीं। 2004 तक प्रेमचंद्र भारतीय अध्यक्ष रहे। अज्ञात कारण के चलते पूरा कार्यकाल नहीं हो सका तो 13 फरवरी 2004 से लेकर दो मार्च 2004 तक एसडीएम देवीदास प्रशासक रहे।
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इसके बाद तीन मार्च 2004 से लेकर तीन फरवरी 2005 तक एसडीएम बसंता प्रशासक रहे। इसके बाद चार फरवरी 2005 से दो दिसंबर 2005 तक डिप्टी चेयरमैन गुलशेर अहमद को कार्यवाहक चेयरमैन बने रहे।
इसके बाद 2005 से 2006 तक एसडीएम देवीदास फिर प्रशासक बने। 11 फरवरी 2006 से 14 नंवबर 2006 तक एसपी सिंह प्रशासक रहे फिर नए चुनाव हुए तो 2010 तक नत्थ्ूा कोल चेयरमैन चुने गए। दो दिसंबर 2011 से 20 दिसंबर 2011 तक एसडीएम राकेश शर्मा प्रशासक रहे। 21 दिसंबर 2011 से ईओ हासिम अली 10 जुलाई 2012 तक प्रशासक का भी काम देखते रहे। 12 जुलाई 2012 को ऊषादेवी चेयरमैन बनीं। जिन्होंने अपना कार्यकाल पूरा किया है। अब नए चुनाव के लिए 22 नवंबर को मतदान होगा।