खेल हमें अनुशासन सिखाते हैं। खेलों से न सिर्फ शरीर
हृष्ट पुष्ट होता, बल्कि नेतृत्व क्षमता भी विकसित होती है। संघर्षों को
पार कर जो निकलता है, वही सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी होता है।
ये बातें
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहीं। केंद्रीय मंत्री दीनदयाल शोध
संस्थान चित्रकूट के तत्वावधान में हुए नानाजी देशमुख चित्रकूट चैलेंज कप
क्रिकेट प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों को संबोधित कर रहे थे।
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फरवरी से शुरू हुए क्रिकेट टूर्नामेंट का फाइनल मैच पं. दीनदयाल उपाध्याय
जी की पुण्यतिथि पर सुरेंद्र पाल खेल परिसर में खेला गया। कार्यकर्ता वर्ग
का फाइनल मैच कृषि विज्ञान केंद्र गनीवां और दीनदयाल परिसर के बीच तथा
छात्र वर्ग का फाइनल गुरुकुल संकुल एवं सुरेंद्र पाल ग्रामोदय विद्यालय की
टीम के साथ हुआ।
इस अवसर पर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए
भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उपक्रम राज्य मंत्री गिरिराज सिंह ने
कहा कि खेल को यदि खेल की भावना से खेला जाए तो यह हमें सहभागिता की सीख
देता है और इससे जो आत्मीयता का भाव उत्पन्न होता है, वह हमें एक दूसरे के
प्रति परस्पर-पूरकता को जन्म देता है। एक अच्छा खिलाड़ी वही होता है, जो
हार को भी जीत समझे।
यही बातें उसकी काबलियत को जन्म देती हैं।
चैलेंज कप कार्यकर्ता वर्ग में दीनदयाल परिसर और छात्र वर्ग में सुरेंद्र
पाल ग्रामोदय विद्यालय ने जीता। रामनाथ गोयनका स्मारक टीम के कैप्टन डॉ.
अनिल मिश्रा ने बताया कि चित्रकूट चैलेंज कप की शुरुआत वर्ष 2012 से की गई
है, तब से यह आयोजन श्रद्धेय नानाजी की स्मृति में अनवरत किया जा रहा है।
ग्राम
स्तर पर भी यह आयोजन संकुल केंद्रों के माध्यम से आयोजित होते हैं। इस
अवसर पर दीनदयाल शोध संस्थान के संगठन सचिव अभय महाजन ने विजयी टीम को कप
तथा बेस्ट कमेंटेटर सर्वेश निगम, बेस्ट अंपायर पार्थ मिश्रा, बेस्ट कोच
गुरुकुल संकुल के राधेश्याम बाघमारे आदि के पुरस्कार खिलाड़ियों को दिए।