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डीएम ने ड्रग इंस्पेक्टर को लगाई फटकार

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डीएम के आदेश पर जांच करने पहुंचे अधिकारियों के सामने जानकारी देने के दौरान रो पड़ीं दुकान संचालि? - फोटो : CHITRAKUTT
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चित्रकूट। शहर के नमन मेडिकल स्टोर की संचालिका और ड्रग इंस्पेक्टर के बीच के विवाद का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। शनिवार को व्यापार मंडल के प्रतिनिधि मंडल ने डीएम से मिलकर इस मामले की जांच कराने की मांग की। इस दौरान डीएम ने ड्रग इंस्पेक्टर को अपने चैंबर में बुलाकर कड़ी फटकार लगाई और चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने को कहा है। एडीएम जीपी सिंह को मामले की जांच सौंपी गई है।
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ड्रग इंस्पेक्टर मनोज सिंह 27 जनवरी को अपने वाहन से चालक के साथ शहर के एसडीएम कालोनी स्थित नमन मेडिकल स्टोर का निरीक्षण करने गए थे। निरीक्षण के दौरान मेडिकल स्टोर की गोदाम से करीब पौने दो लाख रुपये की दवाएं सीज की गई थीं। दुकान संचालिका दीपिका गुप्ता ने ड्रग इंस्पेक्टर व उनके चालक पर 50 हजार रुपये मांगने और फर्जी मामले में जेल भेजने की धमकी देने का आरोप लगाया था।
शनिवार को व्यापार मंडल के मंडल उपाध्यक्ष पंकज अग्रवाल व जिलाध्यक्ष ओम केशरवानी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधि मंडल ने डीएम शेषमणि पांडेय को मामले की जानकारी दी। इस पर डीएम ने अपर एसडीएम राजबहादुर को ड्रग इंस्पेक्टर के साथ मेडिकल स्टोर की जांच के लिए भेजा। जांच के दौरान दुकान संचालिका अपर एसडीएम को पूरी बात बताते हुए रो पड़ीं। अपर एसडीएम ने बताया कि गोदाम में सीलन व पानी की बात सही है। इसके कारण वहां से दवाएं हटाई गईं थीं। उन्हीं दवाओं को गलत जगह रखी होने की बात कह कर सीज की गई हैं।
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इस पर डीएम ने नाराजगी जताते हुए ड्रग इंस्पेक्टर को फटकार लगाई, कहा कि नियमानुसार काम न हुआ तो निलंबन किया जाएगा। डीएम ने डीआई के वाहन चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने को कहा और मामले की जांच एडीएम जीपी सिंह को सौंपी है। इस दौरान व्यापारी नेता गुलाब गुप्ता, अंकित केशरवानी व सुनील द्विवेदी आदि मौजूद रहे। उधर ड्रग इंस्पेक्टर मनोज सिंह ने बताया कि मेडीकल स्टोर से लाई गई दवाओं की पुनर्गणना कराने के लिए दुकान संचालिका से आवेदन करने को कहा गया है, लेकिन अभी तक कोई आवेदन नहीं आया है।
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