चित्रकूट। शारदीय नवरात्र के लिए जिले के प्रमुख स्थानों पर मां अंबे के पंडाल सज गए हैं। बाजार में भी फल व मेवे की दुकानें सज रहीं हैं। घर-घर पूजन व देवी पाठ के लिए महिलाओं ने पूजन सामग्री व माता के श्रंगार के लिए अन्य वस्तुएं खरीदी।
शहर सहित ग्रामीण इलाके में दो सैकड़ा देवीमाता के पंडाल सजाए गए हैं। बुधवार को पंडालों में देवी प्रतिमाएं पहुंच गई हैं। गुरुवार को पहले दिन माता शैलपुत्री के रूप की पूजा होगी। इसके बाद लगातार नौ दिनों तक जगत- जननी जगदंबे के अलग-अलग स्वरूपों के दर्शन लोगों को कराए जाएंगे। शहर के प्रसिद्व शंकर बाजार, पुरानी बाजार सहित कस्बे व ग्रामीण इलाके के कालीदेवी मंदिरों नवरात्रि की तैयारियां पूरी हो गई हैं।
नवरात्र में होंगे मुंडन संस्कार
चित्रकूट। धर्मनगरी में भी नवरात्र को लेकर उत्साह देखा जा रहा हैै। प्रमुख मठमंदिरों में सजावट की गई है। जहां आज से धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। नौ दिनों तक चलने वाले मेला में बड़ी श्रद्धालु आकर अपने पुत्रोें का मुंडन संस्कार कराते हैं।
पालकी में बैठकर आएंगी मां जगदंबा-
चित्रकूट। इस बार नवरात्र महासंयोग लेकर आ रही है। मां जगदंबा पालकी में बैठक कर आएगी और पालकी में बैठकर जाएगी। नवरात्रि के नव दिन सुख समृद्धि दायक होंगे। जो अश्वनी मास की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से 21 सितंबर गुरुवार को शारदीय नवरात्र का आरम्भ होगी। समापन 29 सितम्बर को समाप्त होगा।
यह जानकारी संत नवलेश दीक्षित ने दी। उन्होंने बताया कि मां दुर्गा का आगमन पालकी से होगा और गमन पालकी पर ही होगा। जो अतिशुभ है। देवी पुराण में नवरात्र में भगवती के आगमन व प्रस्थान के लिए वारअनुसार वाहन बताए गए हैं। जिसमें इसबार माता का अगामन व गमन जनजीवन के लिए हर प्रकार की सिद्धि देने वाला है। इस बार गुरुवार के दिन हस्त नक्षत्र यदि देवी आराधना का पर्व शुरू हो तो देवी कृपा व ईष्ट साधना के लिए विशेष रूप से शुभ मामना जाता है।
21 से शैलपुत्री का पूजन और 28 को अष्टमी
चित्रकू ट। 21 सितम्बर को घट स्थापना गुरुवार व हस्तनक्षत्र योग है। 22 को द्वितीय रवि योग, 23 को तृतीया रवियोग सर्वार्थ सिद्धि, 24 को चतुर्थ रवियोग, 25 को पंचम योग, रवियोग, 26 षष्ठी रवियोग 27 को सप्तमी , 28 को दुर्गा अष्टमी पूजा 29 को महानवमी,30 सितबर को विजयादशमी मनाई जाएगी।
जिले में कुल 900 स्थानों पर होगी मूर्ति स्थापना
चित्रकूट। शहर में तो कुल 108 स्थानों पर मां दुर्गा की प्रतिमा की स्थापना होनी है। पूरे जिले में लगभग 900 स्थानों पर मूर्ति स्थापना की जाएगी। इसके लिए सुरक्षा व कानून व्यवस्था बनाए रखने को पुलिस ने भी व्यापक इंतजाम किए हैं।