फोटो- 8आर - शहर के गल्लामंडी परिसर में बैठक करते आढ़ती व मौजूद अन्य कर्मचारी
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चित्रकूट। गल्ला मंडी में पल्लेदारों के परिवार के सदस्यों की कोरोना जांच न होने को लेकर किसानों व अन्य कर्मचारियों में दो दिनों से हड़कंप मचा है। शुक्रवार को सभी व्यापारियों ने इस मुद्दे पर बैठक कर व्यापार का बहिष्कार कर दुकानों में ताला लगा दिया। दोपहर तक काम बंद रहा। जानकारी होते ही जिला प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और सुरक्षा की दृष्टि से गल्लामंडी में प्रशासन ने कई जगहों पर बैरिकेडिंग भी लगा दी।
शहर के शंकर बाजार स्थित गल्लमंडी के पास अहिरपुरवा की बस्ती में सूरत शहर से मजदूरों के आने की बात हो रही थी, उनके परिवार के सदस्य गल्लामंडी में पल्लेदारी भी करते हैं। उसको लेकर दो दिन से अफवाह उड़ रही थी कि आने वाले मजदूरों के कारण गल्लामंडी कारोना वायरस फैल सकता है। ऐसे में गल्लामंडी में काम बंद कर दिया गया।
इस बात की सूचना जिले के कंट्रोल रूम में दी गई। गल्ला मंडी के व्यापारियों ने शुक्रवार की दोपहर को बैठक की और सावधानी बरतने को कहा गया। सुरक्षा के सभी बिंदुओं पर चर्चा की गई। वहीं बनकट प्रधानप्रतिनिधि विद्यासागर यादव ने गल्ला व्यापारियों को जानकारी दी कि अहिरनपुरवा में आने वाले मजदूरों वनकट गांव के स्कूल में क्वारंटीन केंद्र में रखा गया है।
उनके प्रमाण पत्र भी भेजा तब जाकर मंडी में व्यापार करने का निर्णय लिया गया। इस मौके पर गल्ला व्यापार मंडल के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल, महामंत्री गुलाब गुप्ता, शिवमंगल सिंह, सत्यनारायण, गिरजा सिंह, आनंद गोयल, बृजकिशोर शिवहरे आदि मौजूद रहे।