फोटो-25सीकेटीपी 14 मारकुंडी रेलवे स्टेशन पर अपना दर्द बयां करते यात्री। संवाद
फोटो-25सीकेटीपी 15 मारकुंडी रेलवे स्टेशन पर ट्रेन के लोको पायलट से विरोध जताते यात्री। संवाद
-मुंबई-हावड़ा रूट पर बुधवार को मारकुंडी रेलवे स्टेशन पर रेल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी- ट्रेन के 13 घंटे लेट होने और बार-बार रोके जाने से यात्रियों का फूटा गुस्सा
संवाद न्यूज एजेंसी मानिकपुर (चित्रकूट)। मुंबई-हावड़ा रूट पर बुधवार को मारकुंडी रेलवे स्टेशन पर दानापुर स्पेशल ट्रेन के यात्रियों ने जमकर हंगामा किया और रेल प्रशासन के खिलाफ जमकर मुर्दाबाद के नारे भी लगाए। ट्रेन के 13 घंटे लेट होने और बार-बार रोके जाने से यात्री खासे नाराज थे। इस दौरान ट्रेन करीब 44 मिनट तक खड़ी रही, हालांकि बाद में पुलिस के समझाने पर रवाना किया गया।
बेंगलुरु से दानापुर के लिए 23 मार्च की सुबह 7.24 बजे बेंगलुरु से यात्रियों को लेकर स्पेशल ट्रेन दानापुर के लिए रवाना हुई थी। यह ट्रेन लगातार लेट चल रही थी। इसे सतना जंक्शन पर 24 मार्च की देर शाम 7.35 बजे पहुंचना था, लेकिन यह 25 मार्च की सुबह 8.09 बजे पहुंची। सतना से 8.46 बजे रवाना होने के बाद मारकुंडी रेलवे स्टेशन के पास इसे सिग्नल न होने के कारण 10.18 बजे रोक दिया गया।
इसी बीच, बरौनी स्पेशल ट्रेन को पहले निकाला गया, जिसके दो मिनट बाद दानापुर स्पेशल को सिग्नल मिला। इससे आक्रोशित यात्री ट्रैक पर उतर आए और हंगामा करने लगे। उन्होंने रेल मंत्री मुर्दाबाद और रेलवे प्रशासन हाय-हाय के नारे लगाए। ट्रेन चालक के समझाने के बावजूद यात्री नहीं माने, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। मारकुंडी थाना से उपनिरीक्षक रमेश सिंह यादव मौके पर पहुंचे और यात्रियों को ट्रैक पर मरम्मत चलने की बात कही। यात्रियों ने सवाल किया कि यदि मरम्मत चल रही थी तो दूसरी ट्रेन को पहले क्यों निकाला गया।
यात्री अंकित श्रीवास ने बताया कि वह बेंगलुरु से दानापुर जा रहे थे और ट्रेन पहले से ही 13 घंटे लेट थी। उन्होंने शिकायत की कि ट्रेन को बार-बार रोका जा रहा था और इसमें पानी की कोई व्यवस्था नहीं थी। इसके अलावा, जहां ट्रेन खड़ी थी, वहां आसपास खाने-पीने की कोई सामग्री भी उपलब्ध नहीं थी। इन समस्याओं ने यात्रियों की परेशानी और बढ़ा दी।
उधर, रेलवे सुरक्षा बल सतना के प्रभारी वीरेंद्र कुमार यादव ने बताया कि ट्रेन लेट होने के चलते यात्रियों ने हंगामा किया था। पुलिस के समझाने के बाद यात्री शांत हुए और ट्रेन को सिग्नल मिलने पर वह रवाना हुई। आरपीएफ प्रभारी के अनुसार, ट्रेन करीब 40 मिनट तक खड़ी रही।