बैंक शाखा मेें लगा ताला और बाहर इंतजार करते ग्राहक।
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देश के कई राष्ट्रीयकृत बैंकों के एसबीआई में विलय के प्रस्ताव से नाराज आधा दर्जन बैंकों के कर्मचारियों ने शुक्रवार को हड़ताल की। जिसके चलते कई बैंकों में अधिकारी तो पहुंचे लेकिन कर्मचारियों के न होने से कामकाज ठप रहा। ग्राहक भी भटकते रहे। हड़ताल से करीब पांच करोड़ का कारोबार प्रभावित होने का दावा किया गया है। हालांकि एसबीआई, ग्रामीण व प्राइवेट बैंकों के खुलने से हड़ताल का असर कम रहा।
शुक्रवार को इलाहाबाद बैंक, यूनियन बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, सेंट्रल बैंक, पीएनबी व बैंक ऑफ इंडिया की शाखाओं के कर्मचारी हड़ताल पर रहे। जिससे बैंक में अधिकारी तो मौजूद रहे लेकिन कर्मचारियों की हड़ताल से कामकाज नहीं हुआ। आल इंडिया आफीसर्स बैंक एसोसिएशन और आल इंडिया बैंक आफीसर्स फेडरेशन के आह्वान पर इलाहाबाद बैंक के सामने कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। इसके बाद शाखा के गेट पर तालाबंद कर दिया। इस मौके पर अभिमन्यु सिंह, धर्मेंद्र सिंह व चेतराम वर्मा आदि मौजूद रहे।
अग्रणी जिला प्रबंधक अभिनंदन कुमार ने बताया कि ग्रामीण बैंकों और स्टेट बैंक आफ इंडिया समेत कुछ प्राइवेट बैंकों में हड़ताल नहीं रही। 27 नेशनल बैंकों का विलय करने और एक सरकारी बैंक का निजीकरण करने का विरोध चल रहा है। गुरुवार को हड़ताल के कारण लगभग पांच करोड़ का व्यवसाय प्रभावित हुआ।