चित्रकूट। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अनुसांगिक संगठन सहकार भारती उत्तर प्रदेश का दो दिवसीय प्रादेशिक अभ्यास वर्ग का समापन सहकार भारती के राष्ट्रीय संगठन मंत्री संजय पाचपोर ने किया। उन्होंने कहा कि भारतीय जीवन पद्धति संस्कृति एवं संस्कार में सहकारिता का समावेश है। वर्तमान में सहकार भारती अपने विभिन्न स्वाबलंबन अभियान के तहत राष्ट्र के विकास में सहायक भूमिका का निर्वहन कर रही है।
उद्यमिता विद्यापीठ के सभागार में समापन कार्यक्रम उन्होंने कहा कि सहकारिता से जुड़कर व्यक्ति खुुद स्वावलंबी बने। सहकारिता ने लोगों के आपसी सहयोग से सहकार पर्यटन अभियान शुुरू किया। सहकार भारती का मुख्य उद्देश्य जनता की आर्थिक सेवा द्वारा समाज का आर्थिक उत्थान करने वाली सहकारिता को शुद्ध करना एवं मजबूत बनाना है। दीनदयाल शोध संस्थान के राष्ट्रीय संगठन सचिव डॉ अभय महाजन ने कहा कि भारतीय समाज में सहकारिता की झलक शुरू से दिखाई पड़ती है। भारतीय समाज की जीवन पद्धति संगठित समाज संयुक्त कुटुंब परिवार से हम सीख सकते हैं कि समाज को आर्थिकए सामाजिक एवं सांस्कृतिक रूप से उन्नत सरलता से बनाया जा सकता है। मंच संचालन डॉ प्रवीण सिंह जादौन ने किया। इसके अलावा प्रदेश अध्यक्ष रमाशंकर जायसवाल ,प्रेमसागर दीक्षित, रामसागर चतुर्वेदी,अजय तिवारी , निर्मलेनंद पांडेय, गणेश मिश्रा, दुर्गेश द्विवेदी, हरिओम जायसवाल व शुभम राय त्रिपाठी रहे ।
राष्ट्रीय संगठन मंत्री संजय पाचपोर ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि नागरिकता संशोधन कानून राष्ट्रीय हित में पचास वर्ष पूर्व आ जाना चाहिए था। वर्तमान में विपक्ष के राजनैतिक दल इस विषय को लेकर देश में भ्रम की स्थिति का निर्माण कर रहे हैं। सभ्य समाज में दंगा और हिंसा की कोई जगह नहीं है। इससे भारतीय मुसलमानों की नागरिकता पर कोई संकट नहीं है