फोटो-8-रामघाट पर आयोजित संगीत कार्यक्रम में प्रस्तुति देते संगीतज्ञ। संवाद
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चित्रकूट। नादऑरा संस्था दिल्ली व उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी के तत्वावधान में राम घाट पर शास्त्रीय संगीत के चक्रदार कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इसमें बनारस के प्रतिष्ठित कलाकारों की प्रस्तुतियां हुईं। पुणे, दिल्ली व चित्रकूट के कलाकारों ने मंच साझा किया। तीन ताल में तबला एकल वादन की प्रस्तुति सराही गई।
तबला महर्षि पं. अनोखेलाल मिश्र व पं. छोटे लाल मिश्र की स्मृति में आयोजित कार्यक्रम का उद्घाटन जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ल ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया। दिव्यांग विश्वविद्यालय के संगीत विभाग की डॉ. ज्योति ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। तबला संगत डॉ. विवेक व हारमोनियम संगत डॉ. गोपाल मिश्रा ने किया। पुणे के मनोज सोलंकी ने मृदंग वादन में चक्रदार रचनाओं को बजाते हुए महोत्सव की सार्थकता सिद्ध की। मृदंग की थाप और तिहाइयों के सौंदर्य को कलाकारों ने तालियों के साथ सराहा। हारमोनियम संगत ललित सिसोदिया दिल्ली ने की। दिल्ली के शंकर बंधुरू, संजीव शंकर व अश्वनी शंकर ने शहनाई वादन में राग मारू बिहाग की बंदिश व राग काफी में धुन बजाकर लोगों को संगीत भाव में सराबोर किया।
संध्या में बनारस के प्रतिष्ठित कलाकारों की प्रस्तुतियां हुई। किशन राम डोहकर ने तीन ताल में तबला एकल वादन की प्रस्तुति की। इनके वादन में बनारस घराने की छाप दिखी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय के गायन विभाग के डॉ. राम शंकर ने शास्त्रीय गायन प्रस्तुत किया। नादऑरा संस्था की ओर से डॉ. राम शंकर, किशन राम डोहकर, शंकर बंधु व डॉ. गोपाल कुमार मिश्र को संगीत के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए नाद रत्न सम्मान-2022 देकर सम्मानित किया गया। संचालन डॉ. राजा पांडेय व संस्था अध्यक्ष डा.ऋषितोष ने सभी का आभार जताया।