रेल पटरी मरम्मत का काम करते रेल कर्मचारी।
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मुंबई-हावड़ा रेलमार्ग पर चटकी पटरी से करीब दर्जन भर ट्रेनें गुजर गईं। इसकी जानकारी होते ही रेल अफसरों में हड़कंप मच गया। सतना-मानिकपुर और मुख्यालय की ओर से आने जाने वाली एक दर्जन ट्रेनों को जहां का तहां रोक दिया गया। इस दौरान लगभग पांच घंटे रेल यातायात प्रभावित रहा।
पुखरायां व रूरा रेल हादसे के बाद भी रेल प्रशासन सतर्क नहीं हो पाया है। मानिकपुर से सतना जाने वाले मार्ग के बीच में मुंबई-हावड़ा रेलमार्ग के बांसा पहाड़ स्टेशन के पास रेल पटरी चटकी मिली। जानकारी के अनुसार, सोमवार तड़के 3 बजकर 30 मिनट में बांसा पहाड़ स्टेशन के पास रेलवे कर्मी देवेंद्र कुमार और बसंत कुमार रूटीन पेट्रोलिंग कर रहे थे। जैसे ही 1253/3 किमी पर पहुंचे तो दो नट बोल्ट टूटे पड़े मिले। नट बोल्ट पटरी के ज्वांइट के ही टूटकर बिखरे थे। जिससे पटरी भी मामूली रूप से प्रभावित हुई थी।
यह देखते ही कर्मचारियों ने स्टेशन मास्टर केशव तिवारी और प्वांइटमैन राकेश कुमार को सूचना दी। आनन फानन में दोनों ओर की सभी ट्रेनों को जहां का तहां रोक दिया गया। इसके बाद लगभग 5 बजकर 30 मिनट पर आईओडब्ल्यू नईमुद्दीन तकनीकी विशेषज्ञों की टीम के साथ पहुंचे। टीम ने टूटे नट बोल्ट बदले और पटरी को भी व्यवस्थित किया। इस दौरान लगभग सुबह साढे़ आठ बजे रेल यातायात सुचारु हो सका।
टूटी पटरी से महानगरी, सारनाथ, गोदान एक्सप्र्रेस, इटारसी, चित्रकूट एक्सप्रेस और आधा दर्जन मालगाड़ियां भगवान भरोसे गुजर गईं। गौरतलब है कि अभी दस दिन पहले की उमरे के चीफ अफसर ने रेल पटरियों व सिंगनलों का निरीक्षण भी किया था। बांसा पहाड़ के स्टेशन मास्टर ने बताया कि कोई घटना नहीं हुई है। अब सब सही है। आईओ डब्ल्यू ने बताया कि ठंड ज्यादा होने से अक्सर रेल पटरी चटकती हैं। नट बोल्ट टूटने का कारण समझ में नहीं आ रहा है। फिलहाल रेल यातायात सुचारु हो गया है।