चित्रकूट। जिले की सीमा से सटे मझगवां मप्र थाना क्षेत्र के जंगल से पुलिस ने दस हजार रुपये के इनामी डाकू रेशमी कोल को दबोच लिया है। यह डाकू पप्पू शुक्ला व कल्लू गोंड गैंग का सदस्य था। इसकी तलाश पुलिस कई माह से कर रही थी। इसके पास एक बंदूक भी बरामद हुई है।
मझगंवा मप्र थाना प्रभारी ओपी सिंह ने बताया कि बुधवार की देर शाम को मुखबिर की सूचना पर बेलहा रोड के पास जंगल से डाकू रेशमी कोल को दबोच लिया गया है। यह 18 साल की उम्र से ही बांदा जिले के फतेहगंज गांव निवासी डाकू कल्लू गोंड गैंग की सेवा करने आता था। इसके बाद 2004 मेें इसने गैंग के साथ कैलाशपुर के रिंकू व पंचम गुप्ता का अपहरण कर फिरौती वसूली थी। 2005 में गैंग के साथ अतर्रा के पास तुर्रा गांव निवासी मोतीलाल जायसवाल के साथ मारपीट कर लूट की थी। 2005 में गुझवा गांव के भाईलाल पयासी का अपहरण कांड में शामिल था। जिले की सीमा से सटे धारकुंडी के सिरसावन जंगल में इसने पुलिस से मुठभेड की थी। 2005 में ही यह पुलिस द्वारा पकड़ा गया था लेकिन चकमा देकर फरार हो गया था।
2005 में ही गैंग लीडर कल्लू गोंड की मौत के बाद गैंग के कई सदस्य जंगल में भटकते रहे कुछ प्रांत छोडकर भाग गए थे। 2008 में यह मारकुंडी के बडी पाटिन गांव के डाकू पप्पू शुक्ला उर्फ महेंद्र मुसलमान के गैंग में शामिल हो गया। 2009 में इस गैंग के साथ पन्ना जिले के मुटवा मेमं वन विभाग के कर्मचारी से बंदूक लूटी थी। इसके बाद 2009 में पप्पू शुक्ला के गिरफ्तार होने के बाद यह रेशमी कोल सूरत गुजरात भाग गया था। बुधवार की रात को दस हजार के इनामी डाकू रेशमी कोल उर्फ लाला उर्फ आचार्य पुत्र जमुना प्रसाद निवासी बगरहा मारकुंडी चित्रकूट जाते समय मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने बंदूक समेत दबोच लिया है।