अमर उजाला ब्यूरो
मनिकपुर (चित्रकूट)। छह लाख के इनामी डाकू बबुली कोल व लवलेश कोल ने रविवार की देर रात मनगवां पुरवा गांव में घुसकर ताबड़तोड़ गोलियों की बारिश कर दहशत फैला दी। जिसमें एक दुकानदार के पुत्र के हाथ पैर में गोली लगी और उसे मरणासन्न अवस्था में मानिकपुर से सतना अस्पताल रेफर किया गया है। जानकारी मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंची चार थाने की पुलिस टीम ने मप्र के दो थाने की पुलिस टीम के साथ डकैतों की घेराबंदी की है। देर शाम तक डकैतों से पुलिस की फायरिंग भी हुई । आठ बजे के बाद पुलिस टीम जंगल से लौट आई। इस मामले में डकैत बबुली गैंग के खिलाफ मारकुंडी थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
डाकू बबुली कोल गैंग के एक दर्जन सदस्यों के साथ मारकुंडी थानाक्षेत्र के टिकरिया रेलवे स्टेशन के कुछ दूरी पर मनगवां पुरवा में परचून की दुकान संचालक हारून खान उर्फ राजाबाबू का दरवाजा खोलने को आवाज दिया। दरवाजा न खोलने पर बौखलाए गैंग सदस्यों ने गाली देते हुए दरवाजा तोड़ने का प्रयास किया। इसके बाद घर की खिड़की खोलकर परिजनों ने पूंछा कौन है। गैंग सदस्यों ने कहा कि दुकान से कुछ सामान लेना है। परिजनों ने इंनकार कर दिया। इतना सुनते ही डकैतों ने खिड़की से फायरिंग कर दी घर के अंदर मौजूद दुकानदार के पुत्र मो. आसिफ खान(21) के हांथों को चीरती हुई गोली जांघ में जा घुसी। आसिफ को गोली लगते ही घर मे कोहराम मच गया।
गोली लगने की जानकारी होतेे ही डाकू लवलेश कोल पीछे की ओर से दीवाल फ ांद कर घर के अंदर जा घुसा और घायल के पिता मो. हारुन उर्फ राजा बाबू को पकड़ कर गांव की ओर ले जाकर ग्राम प्रधान कुसमा पत्नी बच्चा कोल का दरवाजा खुलवाने को कहा उसके आवाज देने पर दरवाजा न खोलने से गुस्साए गैंग ने प्रधान के घर के दरवाजे पर फायरिंग कर दरवाजा तोड़ घर के अंदर घुस कर प्रधान व उसके पति के साथ मार पीट किया। घर में रखी मोटर साइकिल को क्षति ग्रस्त कर दिए और घर में किराने की दुकान का सारा सामान भर कर जंगल की ओर भाग गए।
इधर गैंग के भागने के बाद मो. हारून खान उर्फ राजा बाबू ने यूपी 100 को सूचना दी। सूचना पाते ही यूपी 100 डायल की दो गाड़ियां और मारकुंडी थाना प्रभारी मो. अकरम खान व मनिकपुर थाना प्रभारी निरीक्षक केपी दुवे मय पुलिस टीम के साथ घटना स्थल पर पहुंचे गोली से घायल युवक को तत्काल यूपी 100 डायल गाड़ी से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र इलाज के लिए भेजा। इलाज के बाद उसे सतना मप्र अस्पताल भेजा गया है। इधर पुलिस टीमों ने डकैतों का पीछा किया कुछ ही दूर जंगल मे गैंग गुरसराय के जंगल मे दिखाई दिए। गैंग ने पुलिस को पीछे आते देख गालियां देते हुए फायरिंग झोंक दिया। पुलिस पार्टी ने भी मोर्चा संभाल लिया इस बीच करीब 6 बजे से 8 बजे दो घंटे आमने सामने सैकड़ों राउंड फायरिंग हुई डकैत धीरे-धीरे जंगल की ओर निकल गए। पुलिस और डकैतों की मुड़भेड़ की सूचना जिले के अधिकारियों को सूचना दी गयी सूचना पाते ही पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार झा, अपर पुलिस अधीक्षक बलवंत चौधरी, सीओ मऊ, एन्टी डकैती टीम व मध्य प्रदेश सतना जिले की मझगवां पुलिस के साथ मौके पर पहुंच कर बीहड़ों में घेरा बंदी कर दी गयी है अभी भी जंगलों में जांच अभियान जारी है।
बेखौफ गैंग मचाता कहर पुलिस कांबिंग पर सवाल
चित्रकूट। छह लाख के इनामी डाकू बबुली कोल गैंग ने जिस अंदाज में गांव के अंदर घुसकर दहशत फैलाई है उससे पुलिस की लगातार कांबिंग और सतर्कता पर गंभीर सवाल उठ खडे़ हुए हैं। बेखौफ गैंग जब मर्जी होती है तब आकर निर्दोष ग्रामीणों पर कहर बरपाता है। ताबड़तोड़ गोलियों की बौछार कर भाग जाता है। इसके बाद पुलिस गरीब व निरीह ग्रामीणों को ही पकड़कर मुखबिर बनाने और डकैतों का संरक्षणदाता बना देती है।
यह बात पाठा क्षेत्र के टिकरिया, मनगवां, नागर, निही व सकरौंहा के एक दर्जन से अधिक ग्रामीणों ने कही है। सोमवार की सुबह मनगवां में डकैतों के कहर के बाद आस पास भी भय का माहौल है। ज्यादातर लोग इस मामले में जुबान ही नहीं खोल रहे हैं। पुलिस अधिकारियों ने मारकुंडी थाने में डकैत बबुली कोल गैंग के खिलाफ घायल के पिता की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज करने की बात कही है। सोमवार को जब एसपी मनेाज कुमार झा, अपर एसपी बलवंत चौधरी के साथ मनगवां पहुंचे तो पीड़ित परिजनों के चेहरे पर भय ही भय नजर आ रहा था। काफी देर तक मो.हारून कांपता रहा और नम आंखों से पूरी कहानी बताई। पुलिस ने सभी ग्रामीणों को आश्वस्त किया है कि किसी भी हालत में डकैतों को चुनाव में हस्तक्षेप नहीं करने दिया जाएगा। इसके लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा। किसी भी सूचना पर जल्द ही पुलिस टीम पहुंचेंगी।इस घटना की जानकारी मिलते ही बहुत जल्दी कई थानों की पुलिस टीम पहुंची थी और डकैतों की घेराबंदी भी कि लेकिन इस बार वह बच निकले हैं।
पुलिस के जाने के बाद ग्रामीणों ने बताया कि हर बार निरीह व निर्दोष ग्रामीणों को ही कहर का शिकार होना पड़ता है। पुलिस तो आकर चली जाती है फिर डकैत आकर पिटाई करते हैं। ज्यादातर पुलिस ग्रामीणों को ही परेशान करती है।
रंगदारी व भोजन लेने आए थे डकैत
चित्रकूट। कुख्यात डाकू बबुली कोल गैंग ने मनगवां में जो कहर ढाया है उसमें बताया गया है कि डकैतों ने मनगवां के परचून के दुकानदार से खाद्य सामग्र्री ही मांगी थी। इस दौरान मुखबिरी करने वालों को भी गाली गलौज किया था। ग्रामीणों की मानें तो डकैैत प्रधान व अन्य के घर इसलिए भी गए थे कि लोकसभा चुनाव में उनके कहे अनुसार ही मतदान करें। पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार झा ने कहा कि किसी निर्दोष को नहीं फंसाया जाएगा। डकैतों के मददगारों को पकड़ा जाएगा।
मां समेत दो की पहले डकैत कर चुके हैं हत्या
चित्रकूट। मारकुंडी थाने के मनगवंा निवासी मो.आसिफ की जान डकैतों की गोली से बच गई। लेकिन इस घटना से 13 साल पहले का वह खौफनाक मंजर सामने आ गया। सतना में भर्ती घायल मो. आसिफ ने बताया कि 11 दिसंबर 2006 को डाकू बलखडिया गैंग के सदस्य डाकू कुन्ना ने गांव आकर उसकी मां आदुल निशा व एक अन्य परिजन की हत्या कर दी थी। इस मामले में थानाध्यक्ष मो.अकरम ने बताया कि डकैतों को रसद सामग्री न देने पर इस परिवार में पहले हमला हुआ था। इस बार सूचना मिलते ही महज आधे घंटे में पुलिस के पहुंचने से डकैतों को ज्यादा देर तक गांव में रूकने का मौका नहीं मिला।