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डाकुओं के डर से परिजन बोलने को तैयार नहीं

Thu, 02 Nov 2017 11:20 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/चित्रकूट
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गमगीन बैठी मह‌िलाएं। - फोटो : अमर उजाला
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चित्रकूट। रैपुरा थाना अंतर्गत महुलिया गांव के भगड़ा पुरवा में बुधवार को रामशिरोमणि उर्फ कैरा (45) पुत्र भगवत प्रसाद की हत्या के बाद भी परिवार के लोग बोलने को तैयार नहीं हैं। उनको जेल में बंद डाकू गोप्पा का भय है। हत्या भी उसी के साथियों ने की है। पोस्टमार्टम हाउस में परिवार के लोग रोते बिलखते रहे। इस मामले में मृतक के भतीजे सुरेंद्र ने थाने में नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई है। डाकुओं के भय की वजह से परिजन खामोश हैं। हालांकि ग्रामीणों ने बताया कि वारदात में गैंग के पांच सदस्य शामिल रहे। सभी के पास असलहे थे जिसमें से गैंग के दो सदस्यों ने गोली          चलाई हैं।
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ग्रामीणों ने दबी जुबान से बताया कि जेल में बंद डाकू गोप्पा गैंग की कमान उसका भांजा राजा यादव ने संभाल ली है। उसी ने इस घटना को अंजाम दिया है। उसके साथ चलने वाले धुन्ना पासी ने भी गोली चलाई थी। इस गैंग में आधा दर्जन से अधिक सदस्य हैं। मृतक दो भाई थे जिसमें एक की बीमारी के चलते मृत्यु हो गई थी। परिवार में एकलौता ही बचा था जिसकी हत्या कर देने से परिवार में दु:ख का पहाड़ टूट पड़ा है। परिवार के सदस्य चिंतित है कि परिवार का पालन पोषण कैसे होगा। मृतक के शव का जब पोस्टमार्टम किया जा रहा था। उस समय उसकी पत्नी फूला देवी व लड़कियां गांव में ही मौजूद थी। पिता भागवत प्रसाद वृद्ध होने के कारण वह भी नहीं पहुंचे।  मृतक का एक बेटा चंद्र प्रकाश है। इसके अलावा तीन लड़कियां है जिसमें एक की शादी हो गई है। पिता वृद्ध भागवत प्रसाद वृद्ध हो जाने के कारण कहीं चल फिर नहीं सकते। घायल अर्जुन पुत्र सरजू का इलाज इलाहाबाद में किया जा रहा है।
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