पकड़े गए डाकू नवल गैंग के सदस्यों के साथ जानकारी देते पुलिस अधिकारीगण।
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चित्रकूट। जेल जा चुके डाकू नवल धोबी के बचे गैंग के दो इनामी सदस्यों को पुलिस ने असलहों के साथ दबोच लिया है। पुलिस का दावा है कि अब गैंग लगभग समाप्त हो चुका है सिर्फ एक सदस्य फरार है। जिसे जल्द पकड़ा जाएगा। इन पकड़े गए डाकुओं की निशानदेही पर पुलिस ने बटोही गांव के पास जंगल से दो बंदूक व कारतूस भी बरामद की है।
जिले की सीमा से सटे नया गांव मध्य प्रदेश थानाक्षेत्र के थर पहाड़ झूरी नाले के पीछे पुलिस टीम ने डाकू नवलधोबी गैंग के कुछ सदस्यों की मौजूदगी पर घेराबंदी की। पुलिस अधीक्षक राजेश हिंडगकर ने बताया कि कुछ देर बाद पुलिस ने गैंग के लखनपुर बहिलपुरवा चित्रकूट निवासी पप्पू उर्फ राजकुमार रैदास और सेजवार नया गांव मप्र निवासी कैलाश कहार उर्फ अजय को दबोचने में सफलता पाई। दोनों के कब्जे से एक देशी रायफल व बंदूक समेत कारतूस भी बरामद हुए। दोनों पर 10-10 हजार का इनाम भी घोषित था।
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जंगल में दबे मिले असलहे
पुलिस अधीक्षक सतना ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि पूछताछ के दौरान दोनों डाकुओं ने नयागांव थानाक्षेत्र के बटोही जंगल में कुछ असलहे जमीन पर दबा रखे थे। उनकी निशानदेही पर पुलिस टीम ने जंगल में खुदाई कर दो बंदूक व कारतूस बरामद कर लिए हैं। यह असलहे डाकू नवल ने आत्म सर्मपण करने के जाने के पूर्व यहां दबा दिया था। इन दोनों के पकड़े जाने के बाद अब तक इस गैंग के पांच सदस्य पकड़े जा चुके हैं। एसपी ने बताया कि अब गैंग लगभग खत्म हो गया है। सिर्फ एक सदस्य सेजवार निवासी शिवहरे बाकी है। जिसकी तलाश की जा रही है। इस मौके पर एएसपी गुरुकरन सिंह, सीएसपी बीडी पांडेय, एसडीओपी आलोक शर्मा व टीआई सुधांशू तिवारी मौजूद रहे।
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मुख्यालय से पकड़कर बनाया इनामी डाकू
चित्रकूट। इस मामले में रविवार को नया मोड़ आ गया। पकड़े गए 10 हजार के लखनपुर निवासी इनामी डाकू पप्पू की पत्नी ने मध्य प्रदेश पुलिस पर जबरन पकड़कर डाकू बनाने का आरोप लगाया है। चित्रकूट पुलिस अधीक्षक को लिखे पत्र में उसकी पत्नी ऊषा देवी ने बताया कि एक मार्च को मध्य प्रदेश पुलिस उसके पति को कर्वी के ट्रैफिक चौराहे से पकड़कर ले गई है। उसका पति
तीन साल से शहर की एक एजेंसीं में चार पहिया गाड़ी चलाता है। इसकी जानकारी होते ही कर्वी कोतवाली व नया गांव थाने जाकर पुलिस अधिकारियो ंसे शिकायत की लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। उसे फर्जी तरीके से डाकू गैंग का सदस्य बताकर इनामी बना दिया गया है। जिसकी जांच कराई जाए। इसकी शिकायत मानवाधिकार आयोग से भी करने की बात कही है। ब्यूरो