गोली लगने से घायल रामराज यादव।
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तिहरे हत्याकांड के बाद 50 हजार के इनामी डाकू गोप्पा ने साथियों के साथ गांव में धावा बोलकर अपने दुश्मन को मौत के घाट उतारने का प्रयास किया। ताबड़तोड़ गोलियों की बरसात करने पर भी ग्रामीण को सिर्फ एक गोली लगी और उसने छिपकर अपनी जान बचाई। ग्रामीणों ने जवाबी फायरिंग की तो डाकुओं का गैंग भाग निकला। घायल को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
जानकारी के अनुसार थाना क्षेत्र के हर्रा गांव के यादव का पुरवा में शुक्रवार को लगभग पांच बजे डाकू गोप्पा यादव गैंग ने धावा बोल दिया। पुरवा की गली से जा रहे रामराज यादव (35) पुत्र सूरजदीन को डाकुओं ने दौड़ाकर गोली मार दी। एक गोली उसके दाहिने पैर में लगी लेकिन वह रूका नहीं और दौड़कर पुरवा के डेरे मेें छिप गया।
पीछे दौड़ रहे डाकुओं ने फायरिंग जारी रखी लेकिन गोली उसे नहीं लगी। गोलियों की आवाज सुनकर उसके परिजन व पुरवा के अन्य ग्रामीणों ने भी पुरवा की घेराबंदी कर जवाबी फायरिंग शुरु की। जिससे भयभीत डाकू गैंग भाग निकला।
डाकू गैंग व ग्रामीणों के बीच मुठभेड़ की जानकारी होते ही पुलिस अधीक्षक केके चौधरी, अपर एसपी अशोक कुमार, सीओ राजेश तिवारी, पहाड़ी थानाध्यक्ष रामेंद्र तिवारी व राजापुर थानाध्यक्ष शैल सिंह एंटी डकैती टीम के मनीष जाट व सुजीत कुमार मय के साथ फोर्स लेकर पुरवा पहुंचे लेकिन तब तक गैंग भाग चुका था।
घायल रामराज को पुलिस वाहन से जिला अस्पताल पहुंचाया गया। इसके बाद दिनभर आसपास के जंगलों में डाकुओं की तलाश होती रही। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि डाकू गोप्पा भी इसी गांव का निवासी है। दस साल पहले सूरजदीन के परिवार से मवेशियों को मारने को लेकर उसकी मारपीट हुई थी।
जिसके बाद से दोनों परिवार के बीच दुश्मनी चल रही है। गोप्पा ने बदला लेने के लिए ही पुरवा में हमला किया है। जल्द ही उसे पकड़ा जाएगा।