अमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। त्रिकोणीय प्रेम प्रसंग में महोबा के हिंदू युवा वाहिनी के पूर्व जिलाध्यक्ष की बाइक सवार युवकों ने तमंचे से गोली मार कर हत्या कर दी। महाशिवरात्रि पर वह परिवार और किराएदार महिला संग चित्रकूट दर्शन करने आए थे। सोमवार तड़के पांच बजे हाईवे पर सनसनीखेज वारदात से हड़कंप मच गया। हत्यारोपी बाइक समेत भाग गए। पुलिस के मुताबिक, आशनाई को लेकर घटना को अंजाम दिया गया। पुलिस ने मृतक के साथ मौजूद किराएदार महिला को पकड़ लिया है। घटना में महिला समेत तीन के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई है।
महोबा के कबरई इंद्रानगर निवासी लोकतंत्र सेनानी बिंदादीन पराशर का पुत्र हिंदू युवा वाहिनी के जिलाध्यक्ष विजय पराशर (40) पिता-माता के साथ महाशिवरात्रि पर रविवार की रात चित्रकूट दर्शन करने निकले थे। साथ में उनकी किराएदार सरिता तिवारी (32), उसका पति मृत्युंजयम, महिला की ननद बबिता, देवर चिंटू, महिला की दो बेटियां भी थीं। चिंटू सफरी चला रहा था। सरिता मूलरूप से झारखंड की रहने वाली है। इसके पूर्व सभी लोग शनिवार को प्रयागराज कुंभ स्नान करने गए थे। रात को चित्रकूट के रामघाट पहुंचने पर विजय ने माता-पिता के अलावा महिला के पति को एक लॉज में ठहरा दिया। भवन से कुछ विजय अन्य सदस्यों संग रात में सफारी में ही बैठे रहे। पुलिस के मुताबिक सोमवार तड़के लगभग साढे़ चार बजे सरिता के पास किसी व्यक्ति का फोन आया। इस दौरान दोनों में कहासुनी हुई। इसके कुछ देर बाद एक बाइक में सवार दो युवक आए। विजय और महिला से तकरार के बाद दोनों बाइक सवार चले गए।
पुलिस ने बताया कि कुछ देर बाद फिर फोन आने पर विजय सफारी समेत हाईवे पर बेड़ीपुलिया के पास शिवरामपुर मार्ग पर पहुंचे। जैसे ही डिग्री कालेज के पास पहुंचे बाइक सवार दो युवकों ने विजय को तमंचे से गोेली मार दी। मेला ड्यूटी पर मौजूद पुलिस कर्मी वाहन समेत घायल को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। एसपी मनोज कुमार झा, एएसपी बलवंत चौधरी व कोतवाल अनिल सिंह घटनास्थल और लाज पहुंचे। एसपी ने बताया कि सरिता के मकान मालिक विजय से भी अवैध संबंध हो गए थे। महिला के एक और प्रेमी लकी पुत्र गंगा उर्फ लवकुश निवासी लौठी छतरपुर से भी संबंध थे। विजय से संबंध की जानकारी पर कहासुनी के बाद लकी ने एक अज्ञात साथी के साथ मिलकर घटना को अंजाम दिया। बताया कि मामले मेें महिला सरिता तिवारी, लकी और एक अज्ञात के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई है।
बीस दिन तक ही रहे विजय जिलाध्यक्ष रहे
हिंदू युवा वाहिनी महोबा के जिलाध्यक्ष आशीष सिंह ने बताया कि पूर्व मंडल सह प्रभारी आशीष महाराज ने वर्ष 2017 में विजय पाराशर को जिलाध्यक्ष बनाया था। बीस दिन तक जिलाध्यक्ष पद पर रहने के बाद उन्हें हटा दिया गया था।