नि:शक्त टेंपोचालक को सोमवार की देर शाम कुछ लोगों ने गोली मार दी। राहगीरों ने समाजवादी एंबुलेंस से जिला अस्पताल भिजवाया। जहां पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
जानकारी के अनुसार, ताम्रबनी निवासी विनय द्विवेदी पुत्र संतोष अपने बहनोई की टेंपो चलाकर घर में अपनी मां राजरानी के साथ रहता था। विनय इकलौता पुत्र था और एक पैर से निशक्त था। किसी दुर्घटना में उसने अपना दायां पैर गवां दिया था।
बताया जाता है कि सोमवार को वह देर शाम लगभग पौने सात बजे गांव से चकजाफर टेंपो से जा रहा था। रास्ते में गांव से चंद कदम की दूरी पर पैदल जा रहे दो लोगों ने टेंपो रुकवाई। टेंपों में तब सिर्फ विनय ही था। जैसे ही विनय ने टेंपो रोकी,
उन लोगों ने तमंचे से सटाकर उसके पेट के पास गोली मारी, जिससे वह गिर पड़ा। आसपास के लोग दौड़े तो उसने अपना नामपता बताया और बेहोश हो गया। गोली मारने के बाद दोनों युवक पगडंडी के सहारे असोह गांव की तरफ भाग निकले।
लोगों ने समाजवादी एंबुलेंस से उसे जिला अस्पताल भेजा, जहां चिकित्सकों ने देखते ही मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी पाकर सीओ सिटी श्रीपाल और कोतवाल केपी दुबे भी पहुंच गए। कोतवाल का कहना है कि अभी यह पता नहीं चल
पा रहा है कि हत्या क्यों की गई, जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा। वहीं मृतक के गांव के लोगों का कहना था कि विनय काफी सीधा था और इस स्थिति में नहीं था कि वह किसी से झगड़ा कर सके।