खुर्जा में लूट के आरोपियों से पूछताछ करते एसएसपी वैभव कृष्ण।
- फोटो : अमर उजाला
आधा दर्जन बदमाशों ने चुरेह की नई बस्ती में सोमवार की रात को जमकर हंगामा किया। खाना न खिलाने पर कुछ ग्रामीणों को बंधक बना लिया और नगदी, जेवर और मोबाइल लूट ले गए। मंगलवार की सुबह ग्रामीणों ने इसकी शिकायत एसपी से की तो पुलिस गांव पहुंची और ग्रामीणों से पूछताछ की। पुलिस बंधक बनाने की बात को गलत बता रही है।
चार दिन पहले थाना क्षेत्र के चुरेह नई बस्ती में डाकू गोप्पा के साथ खरदूषण गैंग भी आया था और ग्रामीणों को धमकाकर भोजन लिया। इसके बाद सोमवार की देर रात को जब ग्रामीण सो रहे थे तभी आठ हथियारधारी बदमाश बस्ती में आए और शेखन कोल को जगाकर खाना खिलाने को कहा। उसके मना करने पर बदमाशों ने आसपास के घरों से लोगों को जगाकर एक स्थान पर एकत्र किया और बंधक बना लिया।
कुछ ग्रामीणों ने बताया कि बदमाश अपना नाम नहीं बता रहे थे, लेकिन इतना जरूर कहा कि कुछ दिन पूर्व डाकुओं को खाना खिलाया है तो उन्हें भी खिलाओ। काफी देर तक जब किसी ने खाना नहीं दिया तो बदमाशों ने कई महिलाओं के साथ अभद्रता भी की। मोबाइल और जेवर छीन लिए। मंगलवार सुबह मानिकपुर तहसील दिवस में नई बस्ती हरिजनपुर की रामलली ने एसपी केके चौधरी को बताया कि बदमाशों ने बस्ती को घेरकर ग्रामीणों को बंधक बना लिया था।
जानकारी मिलने पर थानाध्यक्ष मनीष जाट गांव पहुंचे तो वहां कोई बदमाश नहीं मिला। बस्ती के रामलाल पुत्र भइयालाल, छोटा पुत्र नत्थू और लगोदी पुत्र हुदल ने बताया कि बदमाश रात में आए थे। कई लोगों से लूटपाट की है। बदमाश खाना मांग रहे थे। कुछ लोगों ने बताया कि मंगलवार की सुबह फिर बदमाश बस्ती में आए थे, लेकिन बगैर किसी को नुकसान पहुंचाए चले गए। थानाध्यक्ष मनीष जाट ने बताया कि इस क्षेत्र में लगातार पुलिस कांबिंग कर रही है। ग्रामीणों को बंधक बनाकर पीटने व लूटपाट की शिकायत गलत है।