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गुमशुम है परिवार कब लौटेंगे अपह़ृत

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गुमशुम है परिवार कब लौटेंगे अपह़ृत
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अमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। जिले की सीमा से सटे जानकीकुंड मप्र से अपहृत जुड़वा मासूम भाइयों के सकुशल होने की सूचना के बावजूद दसवें दिन उनकी वापसी घर तक नहीं हो पाई है। माना जा रहा है कि पुलिस अधिकारियों ने अपहृतों के परिजनों को बच्चों की जानमाल की सुरक्षा को देखते हुए निजी प्रयास करने की पूरी छूट दी है। मप्र के गृहमंत्री से लेकर डीजीपी, आईजी व डीआईजी यूपी एसटीएफ के साथ मिलकर सकुशल बच्चों को घर तक पहुंचाने की पल-पल की जानकारी ले रहे हैं। उधर, अपहृतों के परिजनों से फिरौती मांगने वाले दो मध्यस्थों को पुलिस ने दबोच लिया है। इन दोनों ने फोन कर अपहृत के परिजनों से बदमाशों से मध्यस्थता कर दस लाख रुपये में सौदा कर रहे थे।
अपहरण मामले में रींवा आईजी रहे उमेश जोगा व वर्तमान आईजी चंचल शेखर ने बताया कि इसका खुलासा करने के बेहद करीब हैं बस बच्चों के जानमाल की चिंता है। कई महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे हैं जल्द ही बच्चों को परिजनों से मिला दिया जाएगा। यह तो तय हो गया है कि दोनों बच्चे स्वस्थ्य व सुरक्षित हैं। बच्चो के अपहरण के बाद दो राज्यों की पुलिस एसटीएफ व गुप्तचर एजेंसी बच्चों की बरामदगी का प्रयास कर रही है। घटना के दसवें दिन भी परिजन उदास आंखों से घर के गेट की ओर देखते हैं कि शायद अब दोनों जल्द आ जाएं। मां ने कहा कि जब से पता चला है कि दोनों सुरक्षित हैं तब से राहत है लेकिन उनके आने की देरी होने से चिंता बढ़ रही है।
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अपहरण कांड के खुलासे में देरी होने का कुछ लोग फायदा उठाने का भी प्रयास कर रहे हैं। तेल उद्यमी के पास विनोद मिश्रा व भोला गुप्ता निवासी सीधी रींवा मप्र का फोन आया कि उनके पुत्रों को छुड़ाने के लिए वह अपहरण करने वालों से बातचीत कराएंगे। उन्हें सतना बुलाया गया। एक रास्ते पर जब दोनों फोन करने वाले अपहृतों के परिजन से मिले तो दस लाख अपना कमीशन मांगा। यह भी कहा कि अभी कितने रुपये लेकर आए हैं तो उन्होंने बताया कि सिर्फ 3600 रुपये हैं। फोन करने वाले उतने ही रुपये लेकर भागने लगे तो शक हुआ और परिजनों ने दोनों को पकड़ पुलिस के हवाले कर दिया। नयागांव पुलिस ने दोनों से कड़ी पूछताछ के बाद जेल भेज दिया है।

...तो परिजनों को मिली खुली छूट
चित्रकूट। अपहृत बच्चे स्वस्थ्य होने की जानकारी के बाद जिस तरह पुलिस अधिकारियों ने कहा था कि बस 24 घंटे के अंदर सब खुलासा हो जाएगा वैसा फिलहाल सामने नहीं दिख रहा है। अपहृत बच्चे अब तक मीडिया के सामने नहीं आए हैं। सूत्र बताते हैं कि पुलिस ने परिजनों को अपहरणकर्ताओं से सीधी बातचीत कर बरामदगी कराने की छूट दे दी है ताकि किसी तरह बच्चे घर पहुंच जाएं। इस मामले में चित्रकूट एसपी मनोज झा व अपर एसपी बलवंत चौधरी ने कहा कि सबकी प्राथमिकता बच्चे सकुशल परिवार से मिलाना है।
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परिचितों से जमीन के विवाद
चित्रकूट। इस अपहरण कांड में जिस तरह लगातार नए मोड़ आ रहे हैं उसमें यह भी बताया गया कि एक जमीन ग्रामोदय विवि के आसपास लगभग 50 लाख की है उसी को लेकर तेल उद्यमी का परिचितों व सगे रिश्तेदारों से विवाद है। इसी जमीन के विवाद के कारण भाडे़ के शूटरों से यह अपहरण कांड कराया गया है। जिसमें अब फिरौती पहुंचाने की बात भी सामने आ रही है लेकिन तेल उद्यमी व उनके एक भाई इस मामले में चुप हैं।
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