अमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। मुठभेड़ के बाद जंगल में भागे डकैतों की तलाश करने गई पुलिस टीम पर ग्रामीण ने महिलाओं से अभद्रता और बेकसूरों को पीटने और लूटने का आरोप लगाया है। पुलिस अधिकारियों ने आरोपों को गलत बताया है।
थाना क्षेत्र के नागर गांव निवासी इंद्रपाल मिश्रा ने डीजीपी को लिखे पत्र में बताया कि सोमवार को पूर्वाह्न करीब 11 बजे तलाशी के नाम पर भारी पुलिस बल उसके घर पहुंचा। घर की महिलाएं संतान सप्तमी की पूजा करने बगल के घर गईं थीं।
घर में उसकी बहन और बेटी मौजूद थी। आरोप लगाया कि पुलिस टीम जबरन उसके घर में घुस गई और अभद्रता कर तोड़फोड़ की। अलमारी में रखे जेवरात के साथ उसका चार पहिया वाहन भी ले गई। इसके पूर्व गांव के रास्ते से उसके पुत्र लक्ष्मण को भी पकड़कर पुलिस ने बेवजह थाने में बैठाया है।
इस मामले में अपर पुलिस अधीक्षक बलवंत चौधरी ने बताया कि लूट या अभद्रता के आरोप गलत हैं। पुलिस डकैतों की तलाश में कुछ स्थानों पर खोजबीन कर रही है। उन्होंने बताया कि नागर गांव गई पुलिस टीम के प्रभारी से पूछताछ करेंगे। यह भी बताया कि शिकायतकर्ता के वाहन को जांच और पुत्र से पूछताछ के बाद छोड़ दिया है। उसके पुत्र से भी सिर्फ पूछताछ की गई है। पुलिस किसी निर्दोष को परेशान नहीं कर रही है।