चित्रकूट। शराब कारोबारी व उसकी महिला मित्र की गोली मारकर हत्या के मामले में दस हजार के इनामी हत्याभियुक्त पुष्पराज सिंह के बारे में पता चला है कि उसके पास करोड़ों की संपत्ति है। चित्रकूट से उसके नाम एक पिस्टल और मप्र क्षेत्र से एक राइफल का लाइसेंस है। राइफल का लाइसेंस निरस्त भी हुआ था, लेकिन उसने जुगाड़ से बहाल करा लिया है।
लगभग तीन दशक पहले राजापुर के अर्की गांव छोड़कर पुष्पराज सिंह अपने बडे़ भाई कृष्ण बहादुर सिंह के पास सतना मप्र चला गया था, वहीं से वह अपने कारनामों को अंजाम देता रहा। बताया जा रहा है कि उसके पास पीएचडी की डिग्री है। उसने अपनी पत्नी को भी पीएचडी की डिग्री दिला रखी है। बीएड व बीटीसी के अलावा आईटीआई की डिग्री व डिप्लोमा थोक में बांटकर मोटी रकम कमाई है। स्थानीय लोगों की मानें तो आज उसके पास तीन बंगला, तीन स्कूल भवन और करोड़ों की संपत्ति है। चित्रकूट से उसके नाम एक पिस्टल का लाइसेंस है। मप्र क्षेत्र से एक राइफल का भी लाइसेंस है। राइफल का लाइसेंस निरस्त भी हुआ था, लेकिन जुगाड़ से बहाल करा लिया है।
दस हजार का इनामी हत्याभियुक्त पुष्पराज सिंह चार भाइयों में दूसरे नंबर का है। उसके समेत तीन भाई सतना में रहते हैं, जबकि चौथा भाई जितेंद्र सिंह अर्की में ही रहकर खेती करता है। जितेंद्र सिंह का कहना है कि उसके भाई ने हत्या नहीं की है, उसे फंसाने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही यह भी कहा कि इस पूरे कांड के बारे में उसे कुछ नहीं पता है। कुछ ग्रामीणों ने अखबार में खबर छपने के बाद पूछा तो उसे पता चला है। पुष्पराज कई महीनों से गांव नहीं आया है। पुष्पराज सिंह पर अपनी पड़ोसी रिटायर्ड आर्मीमैन की बेटी प्रिया सिंह समेत उसके दोस्त अनुज दीक्षित की गोली मारकर हत्या करने केे आरोप के बाद सतना मप्र समेत पूरे चित्रकूटधाम मंडल में चर्चा का विषय बना है।
हत्याभियुक्त पुष्पराज के सतना व मैहर में ही स्कूल नहीं है बल्कि राजापुर क्षेत्र में भी एक कान्वेंट स्कूल संचालित है। जिसकी देखरेख स्थानीय रिश्तेदार कर रहा है। हाल ही मेें पुष्पराज ने इस रिश्तेदार की भतीजी की शादी में लाखों रुपये खर्च किया है। स्थानीय लोग बताते हैं कि वह रुपये के दम पर अपने काले कारनामों को दबाए रखता था।
रविवार को नया गांव चित्रकूट के सेमरिया मोड़ पर दोहरे हत्याकांड की जिले में भी चर्चा है। ग्रामीणों ने बताया कि रविवार की दोपहर को गांव के दो लोग शस्त्र लेकर निकले थे, जो अभी तक नहीं लौटे हैं। इसमें एक पुष्पराज सिंह का रिश्तेदार भी है। ऐसे में शक है कि कहीं फोन से पूरी योजना के अनुसार पुष्पराज ने इन दोनों को अपने इस हत्याकांड में मदद के लिए बुलाया हो। इसकी जानकारी के बाद सोमवार की देर रात सतना पुलिस गांव पहुंची और एक ग्रामीण को राइफल के साथ पूछताछ के लिए पकड़कर ले गई है।