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Chitrakoot News: बाइक सवार को बचाने में क्रेन पलटी, चालक-खलासी की मौत

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चित्रकूट। बहिलपुरवा थाना क्षेत्र के ओहन बांध के पास मंगलवार रात को एक क्रेन पलट गई। उसके नीचे दबने से चालक व खलासी की मौत हो गई। चालक फतेहपुर जिले के हुसेनगंज थाना क्षेत्र का निवासी था। वहीं खलासी कर्वी का निवासी है। हादसा बाइक सवार को बचाने के चक्कर में हुआ।
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सदर कोतवाली क्षेत्र के अमानपुर निवासी विमलेश कुमार ने बताया कि उसका छोटा भाई नीलू उर्फ अनिल कुमार (30) खलासी था। वह फतेहपुर जिले के हुसेनगंज थाना क्षेत्र के हसनापुर निवासी चालक आशीष कुमार (35) के साथ क्रेन में खलासी का काम करता था। मंगलवार रात करीब 10 बजे उसका भाई व आशीष क्रेन लेकर बहिलपुरवा क्षेत्र में कुछ सामान उतारने जा रहे थे।
रास्ते में ओहन बांध से कुछ दूर पुलिया के पास बगल से निकली बाइक को बचाने के चक्कर में क्रेन अनियंत्रित होकर पलट गई। इससे दोनों क्रेन के नीचे दब गए। राहगीरों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची थी। उन्होंने बताया कि काफी देर के बाद दोनों को किसी तरह बाहर निकाला जा सका। इसके बाद एंबुलेंस से पुलिस दोनों को जिला अस्पताल लेकर पहुंची। जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया। फिर पुलिस ने परिजन को घटना की जानकारी दी।
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घटना के बाद से नीलू की पत्नी रानी देवी, बेटा दीपांशु, बेटी दिव्यांशी बेहाल हैं। वहीं आशीष की पत्नी गुड़िया देवी, बेटी आकांक्षा देवी व बड़ा भाई जीतू है। उसकी पत्नी ने बताया कि पति कर्वी में किराये का कमरा लेकर रहते थे।
थाना प्रभारी विवेक कुमार सिंह ने बताया कि क्रेन पलटने की सूचना पर पहुंचे और दोनों को किसी तरह बाहर निकाल कर अस्पताल लेकर गए, लेकिन मौत हो चुकी थी।

त्योहार पर दोनों परिवारों की खुशियां मातम में बदलीं
चित्रकूट। बहिलपुरवा थाना क्षेत्र में क्रेन पलटने से चालक-खलासी की मौत से दोनों के परिवारों में दिवाली पर्व की खुशियां गम में बदल गईं। जिस घर में दिवाली पर दीये जलने थे, वहां अब मातम पसरा है। चालक को पर्व पर अपने गांव फतेहपुर जाना था, लेकिन पहले ही यह घटना हो गई।
कर्वी के अमानुपर निवासी खलासी नीलू उर्फ अनिल की मौत की खबर से परिवार पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा है। घटना के बाद से नीलू की पत्नी रानी देवी, बेटा दीपांशु, बेटी दिव्यांशी बेहाल हैं। रो-रोकर उनका बुरा हाल है। नीलू तीन भाइयों में दूसरे नंबर का था। उसके बड़े भाई विमलेश व छोटा अंजीत है।
वहीं फतेहपुर के हसनापुर निवासी चालक आशीष परिहार की मौत से भी परिवार टूट गया है। आशीष की पत्नी गुड़िया देवी, बेटी आकांक्षा देवी है। उसका बड़ा भाई जीतू भी क्रेन चालक है। उसकी पत्नी अब यह कह कर रो रही कि अब परिवार को कौन संभालेगा। पत्नी ने बताया हैं कि पति आशीष ने दिवाली पर घर आने की बात कही थी। बेटी पिता के आने का इंतजार कर रही थी, लेकिन अब पिता कभी नहीं लौटेंगे।
दिवाली जैसे बड़े पर्व पर दो परिवारों के चिराग बुझ जाने से पूरे मोहल्ले में शोक है। पड़ोसी और रिश्तेदार दोनों परिवारों को सांत्वना दे रहे हैं। त्योहार पर जहां हर घर में मिठाई और दीयों की तैयारी हो रही है, वहीं दोनों घरों में चूल्हा तक ठंडा पड़ा रहा।
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