चित्रकूट। कोषागार में हुए पेंशन घोटाले में पुलिस की कार्रवाई के भय से नामजद पेंशनर व बिचौलिए अदालत की शरण में हैं। गिरफ्तारी से बचने को कोई अग्रिम जमानत लेने तो कोई जेल से बाहर आने के लिए जमानत अर्जियां अधिवक्ताओं के जरिए डालने में जुटा है। इस मसले पर अदालत भी सख्त रवैया अपनाए है। बुधवार को मामले की सुनवाई में अदालत ने दो पेंशनरों की जमानत अर्जियां खारिज कर दीं, इनमें एक की अग्रिम जमानत व दूसरे की जमानत अर्जियां शामिल रहीं।
इसके अलावा एक बिचौलिया ने भी जमानत अर्जी डाली है, हालांकि इस मसले पर सुनवाई नहीं हो सकी है।अक्तूबर माह में कोषागार विभाग में 43.13 करोड़ से ज्यादा का पेंशन घोटाला हुआ। इसे कोषागार के अफसर-कर्मियों और बिचौलियों के गठजोड़ से अंजाम दिया गया। इस मामले में वरिष्ठ कोषागार अधिकारी रमेश सिंह की तहरीर पर चार कोषागार के अधिकारी-कर्मचारी व 93 पेंशनरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बाद में एसआईटी ने घोटाले की जांच की शुरू की तो विवेचना में छह बिचौलियों के नाम भी सामने आए। सभी से पूछताछ कर एसआईटी ने सरकारी कर्मचारी, पेंशनर व बिचौलिया समेत 32 आरोपी जेल भेजे गए।
इस घोटाले में कार्रवाई से बचने के लिए बहुतायत की संख्या में नामजद आरोपी जिला व हाईकोर्ट पहुंच गए। अब तक इनकी संख्या इनकी संख्या दो दर्जन पार कर चुकी है। कोई अग्रिम तो किसी ने जेल से बाहर आने के लिए जमानत अर्जियां लगा रखी हैं। ऐसे में एसआईटी टीम अदालती कार्यों में उलझ गई। इस समय एसआईटी रोजाना न सिर्फ इनके कागजात बनाकर उसे अदालतों तक पहुंचाने में जुटी है। बुधवार को न्यायालय ने दो पेंशनरों के मामले में सुनवाई की।
अधिवक्ता श्याम सुंदर मिश्रा ने बताया कि अग्रिम जमानत मामले की सुनवाई में अदालत ने पेंशनर भोलू राम की अग्रिम जमानत खारिज कर दी। इनके खाते में 9,49,689 रुपये ज्यादा रकम आई थी। इसी प्रकार जेल में बंद पेंशनर शिव बहादुर की जमानत अर्जी भी कोर्ट ने सुनवाई की। इनकी याचिका भी निरस्त कर दी। इनके खाते भी 54,84,669 रुपये भेजे गए थे। इसके अलावा जेल में बंद बिचौलिया अमृत लाल उर्फ पंचू ने बुधवार को जमानत अर्जी कोर्ट में डाली। अधिवक्ता विजय तिवारी ने बताया कि इस मामले में अदालत में सुनवाई नहीं हो सकी।