चित्रकूट। मऊ तहसील के बरिया गांव की एक महिला ने जिसे लूट और मारपीट बताया, वह फोन पर हुई मामूली कहासुनी निकली।
विशेष न्यायाधीश (दस्यु प्रभावित) राममणि पाठक की कोर्ट ने लूट और मारपीट की एफआईआर दर्ज कराने की अर्जी खारिज कर दी।
महिला का आरोप था कि 27 सितंबर को कौशांबी के गणेशपुर कटरी से एक महिला अपने पति, बेटे और दो अन्य लोगों के साथ तीन बाइकों से बरिया आई और 50 हजार नकद व 500 ग्राम जेवर लूट ले गई। इससे पहले 28 अगस्त को उसी महिला ने उसके बेटे पर बेटी से बात करने का झूठा आरोप लगाकर पुलिस में शिकायत की थी।
पुलिस जांच में कहानी पलट गई। जांच में सामने आया कि दोनों के बेटे चेन्नई में साथ काम करते थे। कौशांबी निवासी बेटे के पास फोन न होने से वह अपनी बहन से पीड़िता के बेटे कमलेश के फोन से बात करता था।
इसी दौरान पीड़िता के बेटे और उसकी बहन में भी बातचीत होने लगी। बहन के गायब होने पर सीडीआर में पीड़िता के बेटे का नंबर आया, जिसके बाद उसे पूछताछ के लिए बुलाया गया। बाद में युवती कानपुर देहात से बरामद हुई।
पुलिस के अनुसार 27 सितंबर को परिवार सिर्फ समझाने बरिया आया था। उस वक्त महिला घर पर नहीं थी, उसकी बहू से कहासुनी हुई थी। सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि लूट का कोई साक्ष्य नहीं है। मामला बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया है।