चित्रकूट। कृषि भवन के सभागार में आयोजित प्रशिक्षण में विशेषज्ञों ने किसानों को नैनो खाद की जानकारी दी। साथ ही उन्हें इसके फायदे भी बताए।
विशेषज्ञों ने बताया कि नैनो उर्वरक के प्रयोग से खेती की लागत कम होती है। साथ ही केंद्र सरकार को उर्वरक सब्सिडी के मद में होने वाली धनराशि की भी बचत होती है। प्रशिक्षण में इफ्को के उप क्षेत्र प्रबंधक राजवीर सिंह ने बताया कि रासायनिक उर्वरकों का विकल्प नैनो खाद हो सकती है। उन्होंने कृषि विभाग से जुड़े फील्ड कर्मचारियों एवं अधिकारियों को नैनो उर्वरकों के इस्तेमाल की विधि, सावधानियां भी बताईं।
प्रयागराज के प्रशिक्षक अक्षय कुमार पांडेय ने प्रशिक्षुओं को नैनो उर्वरक की आवश्यकता एवं लाभ की जानकारी दी। बताया कि नैनो उर्वरकों के प्रयोग से खेती की लागत कम होती है। उप कृषि निदेशक राजकुमार ने सभी प्रशिक्षुओं को निर्देशित किया कि वह अपने-अपने क्षेत्र में नैनो उर्वरक आधारित प्रदर्शनी लगाई जाए। इस मौके पर उप कृषि निदेशक ने राज कुमार ने रमाशंकर मिश्र को नैनो डीएपी, यूरिया, जिंक एवं सागरिका उपहार में दी।