चित्रकूट। केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा योजना का नाम बदलने के फैसले पर कांग्रेस ने विरोध जताया है। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि यह कदम महात्मा गांधी की विचारधारा और ग्रामीण गरीबों के अधिकारों पर सीधा प्रहार है।
बैठक में जिलाध्यक्ष कुशल सिंह पटेल ने कहा कि भाजपा सरकार मनरेगा का नाम बदलकर यह साबित कर दिया है कि वह महात्मा गांधी से नफरत करती है। यह सरकार योजनाओं का नाम बदलने के साथ ही गरीबों के अधिकारों को समाप्त कर रही है।
कहा कि मनरेगा प्रावधानों में केंद्र सरकार का हिस्सा 90 प्रतिशत से घटकर 60 प्रतिशत कर दिया है और राज्यों सरकारों का हिस्सा 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 40 प्रतिशत कर दिया है, जिससे अब राज्य सरकारों को अधिक आर्थिक बोझ उठाना पड़ेगा। कहा कि यह केवल मनरेगा योजना नहीं है बल्कि संविधान से मिला हुआ रोजगार का अधिकार है, जिससे गरीबों का पेट पलता है।
इस योजना ने कोरोना व नोट बंदी के समय गरीब मजदूरों के लिए संजीवनी का काम किया है। कहा कि मनरेगा में किए गए बदलाव से गरीब मजदूरों को पलायन के लिए मजबूर होना पडेगा। इसके विरोध में कौंग्रेस पार्टी गांव-गांव जाकर मनरेगा मजदूरों को जागरूक करेगी और उनके हक की लड़ाई लड़ेगी।
11 जनवरी से सरदार पटेल की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर सांकेतिक उपवास रखकर किया जाएगा। इस मौके पर जिला मनरेगा समन्वयक वीरेंद्र सिंह, जिला प्रवक्ता चुनबाद प्रसाद प्रजापति, जिला उपाध्यक्ष शिव गुलाम वर्मा मौजूद रहे।