मऊ। मनरेगा योजना अंतर्गत सामग्री सप्लाई करने वाले प्रधानों का भुगतान करने के नाम पर कमीशन मांगने का आरोप लगा है। कई प्रधानों ने विधायक से शिकायत की। इस पर विधायक अविनाश चंद्र द्विवेदी ने डीएम को पत्र लिखकर बताया कि कमीशन नहीं दिया गया तो प्रधानों का भुगतान ही रोक दिया। बीडीओ रामनगर मोबाइल बंद कर कार्यालय से चली गईं हैं। इस मामले की उच्चस्तरीय जांच करने की मांग की है।
मंगलवार को मऊ मानिकपुर विधायक ने बताया कि उनके पास कई प्रधानों ने बीडीओ की शिकायत की है। इसमें बताया कि उनकी ग्राम पंचायत के कई भुगतान ब्लाॅक में रुके हैं। आरोप लगाया गया है कि बीडीओ समेत कई कर्मचारी कमीशन मांग रहे हैं। विधायक ने डीएम को लिखे पत्र में कहा कि मनरेगा योजना अंतर्गत समस्त जनपदों में प्रदेश सरकार ने धनराशि उपलब्ध कराई है। सामग्री सप्लायरों व प्रधानों ने जब खंंड विकास अधिकारी रामनगर से भुगतान के लिए कहा तो उनसे कमीशन देने के लिए के लिए कहा गया।
प्रधानों ने कमीशन देने से इनकार कर दिया। इसके बाद बीडीओ अपना मोबाइल नंबर बंद कर चली गईं। सीडीओ से उन्होंने वार्ता इस बात की जानकारी दी गई है। इस पर उन्होंने भुगतान करने के निर्देश दिए। बताया कि वह तीन ही बिल पास कर कार्यालय से चली गईं हैं। अब सबका भुगतान रुका है। इस मामले में टीम गठित कर जांच कराई जाए। पूरे मामले में सीडीओ अमृत पाल कौर ने बताया कि विधायक का कोई पत्र उन्हें नहीं मिला है। अभी इस मामले में जानकारी की जा रही है।